नागझिरी की सहकारी संस्था नवीन भवन में स्थानांतरित

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  • (राजीव कुशवाह, नागझिरी)।

25  मई 2021, नागझिरी । नागझिरी की सहकारी संस्था नवीन भवन में स्थानांतरित – नागझिरी में गत सप्ताह स्थानीय सहकारी संस्था नवीन भवन में स्थानांतरित हो गई। अब नए भवन में किसानों, ग्रामीणों और स्टॉफ को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

संस्था प्रबंधक श्री नारायण चौधरी ने कृषक जगत को बताया कि 25&25 वर्गफीट में 25 लाख की लागत से निर्मित इस दुमंजिला भवन की स्वीकृति सहकारिता विभाग, भोपाल से मिली थी। ग्रामीणों की जागरूकता के कारण 1956 में यह सहकारी संस्था शुरू हो गई थी। फि़लहाल यहां 14 कर्मचारियों का स्टॉफ है, जिनकी मदद से चार गांवों में राशन उप केंद्र और नागझिरी के अलावा बडग़ांव में खाद वितरण उप केंद्र संचालित किया जा रहा है। इस संस्था को दो बार नाबार्ड द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है, वहीं सहकर्मी श्री संतोष कुशवाह के अलावा सदस्य श्री धन्नालाल चौधरी और श्री छगन अवासे ने बताया कि पुराने भवन में ग्रामीणों को लेन-देन और अन्य कार्यों में परेशानी होती थी, लेकिन इस नए सर्व सुविधायुक्त भवन में कोई परेशानी नहीं होगी।

उल्लेखनीय है कि नागझिरी में सहकारिता का शंखनाद 1946 में ही आरम्भ हो गया था, जिसमें खरगोन के स्वतंत्रता सेनानी स्व.श्री विश्वनाथ सखाराम खोड़े के अलावा स्व. गेंदालाल रागल्या, स्व. मांगीलाल चौधरी, स्व. गेंदालाल कुशवाह और स्व. भूषण सिंह आर्य के नाम प्रमुख हैं, जिन्होंने विभिन्न आयामों में इसे मूर्त रूप दिया था। इसकी मध्य भारत के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री लीलाधर जोशी ने भी सराहना की थी। तब यहाँ के सहकारिता आंदोलन के तहत किए गए कार्यों का अध्ययन करने 1964 में न्यूजीलैंड से सात सदस्यीय दल आया था, जिसका मकसद अपने देश में सहकारिता का बुनियादी ढांचा तैयार करना था। इसकी रपट उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को भी सौंपी थी।

यही नहीं 1960 और 1970 के दशक में सहकारी ग्रामीण स्वच्छता मिशन के तहत इस गांव में चार सुलभ शौचालयों का भी निर्माण किया गया था। 1980 के दशक में क्षेत्र के सहकारिता पुरुष स्व. सुभाष यादव ने भी यहां सहकारिता के विभिन्न प्रकल्प आरम्भ कर कई लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया था।

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