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राज्य कृषि समाचार (State News)

उद्वहन सिंचाई परियोजना क्षेत्र के किसानों पर नाबार्ड का फोकस

17 दिसम्बर 2022, खरगोन: उद्वहन सिंचाई परियोजना क्षेत्र के किसानों पर नाबार्ड का फोकस – गत दिनों कलेक्टर श्री कुमार पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में डीएलसीसी और डीएलआरसी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नाबार्ड के डीडीएम विजेंद्र पाटिल ने आगामी वर्ष की योजना के बारे में बताया। नाबार्ड द्वारा 7295.88 करोड़ के कुल ऋण आंकलन के साथ वर्ष 2023-24 के लिए संभाव्यता युक्त ऋण योजना (पीएलपी) तैयार की गई। इसमें कृषि क्षेत्र के लिए 6201.96 करोड़, एमएसएमई के लिए 937.21 करोड़ और अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के लिए 156.70 करोड़ का आंकलन किया गया। श्री पाटिल ने जानकारी दी कि जिले में जिन क्षेत्रों में आगामी समय में उदवहन सिंचाई योजना से किसान लाभान्वित होंगे। वहां के किसानों पर टपक सिंचाई (स्प्रिंकलर सिंचाई) के लिए ऋण प्रवाह पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा कृषि से जुड़े क्षेत्रों जैसे फ़ूड- एग्रो प्रोसेसिंग पर भी जोर रहेगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती ज्योति शर्मा, खंडवा सांसद प्रतिनिधि श्री रवि पटेल, सदस्य श्री लखन पाटीदार और विधायक प्रतिनिधि श्री मोहनलाल तथा कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में केंद्र और राज्य शासन की पीएमएफएमई, मुख्यमन्त्री उद्यम क्रांति योजना, टंटया मामा आर्थिक सहायता, बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना और केसीसी कार्ड की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में हितग्राहियों के कई प्रकरणों में ऋण वितरण नहीं हुआ है। इस पर कलेक्टर श्री कुमार ने उद्योग विभाग, एनआरएलएम, सामाजिक न्याय और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से कहा कि विभागों को निरंतर समन्वय करना है। सिर्फ एलडीएम को बता देना या संज्ञान में लाना पर्याप्त नहीं है। कलेक्टर श्री कुमार ने बैंकर्स से कहा कि विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों को आंकड़े न समझे आप लोग उन्हें रुपये देंगे तो वो कमाएंगे। वो कमाएंगे तो बैंकों को लाभ होगा ही। बैंकर्स ऐसा मानकर लाभ प्रदान करे कि आप लोग किसी एक परिवार को खड़ा कर रहे है। आप लोगों के द्वारा ही इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देना है। यही योजनाओं का उद्देश्य भी है। एलडीएम श्री संदीप मुरुड़कर ने बैठक में कहा कि आरबीआई ने तय किया है कि पीएम/सीएम सम्मान निधि के पात्र किसानों को केसीसी जारी किया जाना है। कलेक्टर ने कहा कि खासकर भगवानपुरा के किसानों को बैंक से केसीसी के मामले में कमी है। इसके लिए जिला प्रशासन बैंकर्स को पूरा सहयोग प्रदान करेगा। शीघ्र शिविर लगाने के लिए तारीख तय कर ले।

महत्वपूर्ण खबर: कपास मंडी रेट (15 दिसम्बर 2022 के अनुसार)

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