राज्य कृषि समाचार (State News)

नाबार्ड ने खरगोन में अपना 44 वां स्थापना दिवस मनाया

21 जुलाई 2025, (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर ): नाबार्ड ने खरगोन में अपना 44 वां स्थापना दिवस मनाया – राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अपना  44 वां  स्थापना दिवस कृषि विज्ञान केंद्र खरगोन में 18 जुलाई को  मनाया।  जिसमें  डीडीएम नाबार्ड श्री विजेंद्र पाटिल, कृषि  वैज्ञानिक डॉ जी एस कुलमी, डॉ आर के सिंह, डॉ अनीता शुक्ल, उप संचालक उद्यानिकी श्री केके गिरवाल, एलडीएम  श्री सुमेर सिंह सोलंकी  सहित बड़ी संख्या में  एफपीओ, सहकारी समितियों के सदस्य शामिल हुए।

श्री पाटिल ने बताया कि ‘अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष ‘के चलते नाबार्ड के स्थापना दिवस पर   सहकारी   समितियों द्वारा दलहन, तिलहन एवं  प्रा कृतिक खेती पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की  गई , जिसमें  खरगोन जिले से 10 बीज उत्पादक समितियों एवं नाबार्ड की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े  कृषक शामिल हुए। । समितियों ने अपने बीज उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिकों एवं डीडीएम नाबार्ड ने दलहन, तिलहन फसलों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, कृषकों को यह  फसलें लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। डीडीएम ने बताया कि पिछले 43 वर्षों से कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र में नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रमुख कार्यों में संवर्धनात्मक और विकासात्मक कार्य, पुनर्वित्त, वित्तपोषण, आयोजना, अनुप्रवर्तन और पर्यवेक्षण, नीति निर्माण शामिल हैं। ग्रामीण ऋण प्रदाय प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का संस्थागत विकास और क्षमता निर्माण करना, ग्रामीण आधारभूत संरचना विकसित करने और सहकारी ऋण संरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकारों को ऋण देना शामिल है। आपने  खरगोन जिले में चल रही विभिन्न  परियोजनाओं  पर प्रकाश डाला और  सभी विभागों, हितधारकों एवं लाभार्थियों को नाबार्ड की इस यात्रा को सफल बनाने के लिए साधुवाद दिया।

इसी शृंखला में नाबार्ड प्रायोजित कृषि ड्रोन का प्रदर्शन घुघरिया खेड़ी सहकारी संस्था द्वारा किया गया एवं  कृषकों  को आधुनिक तकनीकी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।  गोगांवा  एफपीओ  , निमाड फ्रेश  एफपीओ  एवं जैव वसुंधरा  एफपीओ  ने अपने अनुभव साझा किए। सुदूर सिरवेल क्षेत्र के कृषक ने वाड़ी परियोजना से  जुड़ने  के पश्चात अपने बदलते जीवन के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में “एक पेड़ माँ के नाम” अंतर्गत पौधा रोपण किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ  कुलमी, डॉ के सिंह, डॉ अनीता शुक्ल, श्री गिरवाल एवं  श्री  सोलंकी,  ने मार्गदर्शन दिया।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement