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राज्य कृषि समाचार (State News)

सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में

24 फरवरी 2026, भोपाल: सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीज उत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ‘कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ‘कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।

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