राज्य कृषि समाचार (State News)

Mushroom Farming: 2 कमरों से शुरू की मशरूम की खेती,  पहले ही साल कमाया डबल मुनाफा  

09 मई 2026, जयपुर: Mushroom Farming: 2 कमरों से शुरू की मशरूम की खेती,  पहले ही साल कमाया डबल मुनाफा – राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ीसादड़ी पंचायत समिति की पायरी ग्राम पंचायत में गुरुवार रात्रि जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में ग्राम रथ अभियान के तहत आयोजित संध्या एवं रात्रि चौपाल के दौरान कृषि क्षेत्र में नवाचार गतिविधियों के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले  ग्राम पायरी निवासी प्रगतिशील किसान लाल सिंह मीणा को मशरूम उत्पादन एवं कृषि नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ीसादड़ी ब्लॉक का पायरी गांव लंबे समय से दुर्गम एवं पथरीले क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता रहा है, जहां पारंपरिक खेती ही किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन रही है। ऐसे क्षेत्र में लाल सिंह मीणा ने सीमित संसाधनों के बावजूद मशरूम उत्पादन के माध्यम से खेती में नवाचार कर नई पहचान बनाई है।

नाबार्ड की वाड़ी परियोजना के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण से प्रेरित होकर उन्होंने पारंपरिक खेती से अलग हटकर मशरूम उत्पादन की शुरुआत की। लाल सिंह बताते हैं कि पहले वे मक्का सहित पारंपरिक फसलों की खेती करते थे, लेकिन मेहनत की तुलना में आय सीमित रहती थी। इसी दौरान उन्हें वाड़ी परियोजना के अंतर्गत मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण मिला, जिसके बाद उन्होंने अपने घर के छोटे से कमरे में 20 से 30 मशरूम बेड लगाकर इस कार्य की शुरुआत की।

लगभग 25 दिनों के भीतर मशरूम उत्पादन शुरू हो गया और उन्हें सकारात्मक परिणाम मिलने लगे। प्रारंभिक दौर में ताजे मशरूम को बाजार में बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन परियोजना अधिकारियों के मार्गदर्शन से उन्होंने मशरूम को सुखाकर उसका पाउडर तैयार करना शुरू किया। यह मशरूम पाउडर बाजार में 1200 से 1500 रुपए प्रति किलो तक विक्रय होने लगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

लाल सिंह मीणा का कहना है कि मक्का की एक फसल से जितनी आय प्राप्त होती है, उससे लगभग तीन गुना अधिक लाभ केवल दो कमरों में मशरूम उत्पादन से अर्जित किया जा सकता है।

सीमित संसाधनों और छोटे स्तर से शुरू किया गया यह प्रयास आज उनके परिवार के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत साधन बन चुका है।

उन्होंने बताया कि अब वे मशरूम उत्पादन को बड़े स्तर पर विकसित करने की योजना बना रहे हैं। उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी आधुनिक एवं वैकल्पिक खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं। लाल सिंह मीणा का मानना है कि यदि किसान नई तकनीक एवं वैकल्पिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं तो कम जगह और कम समय में भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। किसान लाल सिंह मीणा को  उद्यान विभाग की तरफ से 5 एचपी का सोलर नि:शुक मिला हुआ है।

ग्राम रथ अभियान एवं रात्रि चौपाल जैसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिससे किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।

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