मशरूम की खेती से लखपति बन सकते है किसान, आसान है इसकी खेती
01 दिसंबर 2025, भोपाल: मशरूम की खेती से लखपति बन सकते है किसान, आसान है इसकी खेती – यदि किसान चाहे तो अन्य खेती के साथ मशरूम का भी उत्पादन कर सकते है क्योंकि इसकी खेती न केवल आसान है बल्कि उत्पादन कर लखपति भी बन सकते है।
मशरूम की खेती एक आसान, कम लागत और उच्च लाभ वाला व्यवसाय है। यदि सही तरीके से किया जाए तो घर पर भी शुरू किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक चार प्रकार के मशरूम की खेती होती है। मार्केट में सबसे अधिक मांग बटन मशरूम की रहती है। मशरूम की यह वैरायटी ठंडे मौसम में उगाई जाती है। मशरूम की खेती के लिए गेहूं या धान के भूसे से कंपोस्ट खाद बनाई जाती है। इसे एक ठंडे, अंधेरे और हवादार कमरे में उगाया जाता है, जहाँ तापमान \(20-25\) डिग्री सेल्सियस और नमी लगभग \(80-90\)% हो। खेती में साफ-सफाई बहुत ज़रूरी है और यह 45 से 60 दिनों में पूरी हो जाती है।
आवश्यक सामग्री
गेहूं या धान का भूसा, कैल्शियम, अमोनियम नाइट्रेट, सिंगल सुपर फास्फेट, चोकर, जिप्सम, मेलाथियान।
अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं के दाने से तैयार किया गया स्पॉन किसी सरकारी संस्था या कृषि संस्थान से खरीदें।
पॉली बैग, कोकोपीट (नारियल का बुरादा), फॉर्मेलिन, वेबस्टिन।
विधि
भूसे और अन्य रसायनों को मिलाकर कंपोस्ट खाद तैयार करें।खाद को 6-8 इंच मोटी परत में बिछाएं और बीज लगाएं।बीज लगाने के बाद, खाद से ढक दें और बैग बंद कर दें।खेती का माहौल:खेती के लिए ठंडे और अंधेरे कमरे का उपयोग करें।कमरे में तापमान \(20-25\) डिग्री सेल्सियस और नमी \(80-90\)% बनाए रखें।कमरे में पर्याप्त हवा का संचार होना चाहिए, लेकिन सूरज की सीधी रोशनी नहीं आनी चाहिए।
ध्यान रखने योग्य बातें
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
कंटैमिनेशन से बचने के लिए, कीटाणुनाशक जैसे फॉर्मेलिन का इस्तेमाल करें।
अधिक कंटैमिनेशन वाले बैग को हटा दें।
हाथों और पैरों को अच्छी तरह साफ करें और मुंह पर मास्क लगाएं।
मशरूम की खेती में कीटनाशकों का प्रयोग न करें।
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