MP Weather Update: कई जिलों में बारिश और तेज आंधी, भोपाल में 67 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं; अगले दो दिन बढ़ेगा तापमान
09 जून 2026, भोपाल: MP Weather Update: कई जिलों में बारिश और तेज आंधी, भोपाल में 67 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं; अगले दो दिन बढ़ेगा तापमान – भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहा। भोपाल संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर जबकि नर्मदापुरम, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं प्रदेश के शेष हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा। इस दौरान भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक का असर भी देखने को मिला।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक बारिश सागर जिले के बीना में 20.2 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा बरघाट में 18.3 मिमी, नैनपुर में 17.6 मिमी और उंचेहरा में 16 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राजधानी भोपाल में भी 2.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भोपाल में चली सबसे तेज आंधी
प्रदेश में मौसम के बदलाव के बीच कई जिलों में तेज हवाएं चलीं। भोपाल में सर्वाधिक 67 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा जबलपुर में 56 किमी प्रति घंटा, सागर में 48 किमी प्रति घंटा, आगर में 46 किमी प्रति घंटा और गुना में 43 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। भोपाल, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, शहडोल, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में गरज-चमक और वर्षा की गतिविधियां दर्ज की गईं।
मंडला रहा सबसे गर्म, पचमढ़ी सबसे ठंडा
तापमान की बात करें तो प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस मंडला में दर्ज किया गया। इसके बाद छिंदवाड़ा में 42.1 डिग्री और खजुराहो में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
वहीं न्यूनतम तापमान सबसे कम 19 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। इसके अलावा कटनी के करौंदी में 24.5 डिग्री और खरगोन में 24.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा जिले में गर्म रात (Warm Night) की स्थिति भी दर्ज की है।
सिनॉप्टिक मौसम परिस्थिति
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 9 जून को उत्तर-पूर्वी भारत के शेष हिस्सों, पूरे सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़त दर्ज की है। आगामी चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं पंजाब से हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक समुद्र तल पर एक ट्रफ रेखा बनी हुई है। मौसम विभाग ने 11 जून से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना भी जताई है।
मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वर्षा के दौरान सिंचाई, उर्वरक प्रयोग और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि जलभराव से फसलों और जड़ों को नुकसान न पहुंचे। तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को सहारा देकर सुरक्षित करें।
कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा उन्हें तिरपाल से ढंककर बचाव करें। पॉलीहाउस, नेट हाउस और संरक्षित खेती की अन्य संरचनाओं को भी मजबूत रखें। यदि आंधी-तूफान या बारिश की संभावना हो तो कटाई, मड़ाई और सुखाने से जुड़े कार्यों को कुछ समय के लिए टाल दें।
पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित और हवादार आश्रयों में रखने, पर्याप्त चारे और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। वहीं बागानों में कमजोर और रोगग्रस्त शाखाओं की छंटाई करने तथा बिजली गिरने की स्थिति में खुले खेतों में काम नहीं करने की सलाह भी दी गई है।
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