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राज्य कृषि समाचार (State News)

MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला खत्म, अब तेज गर्मी के आसार; 5 दिन तक सूखा रहेगा मौसम  

12 अप्रैल 2026, भोपाल: MP Weather: मध्यप्रदेश में बारिश का सिलसिला खत्म, अब तेज गर्मी के आसार; 5 दिन तक सूखा रहेगा मौसम – मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी आंधी-बारिश और ओले सिलसिला अब थम गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, शुक्रवार से प्रदेश में बारिश का दौर थमेगा और भीषण गर्मी पड़ने लगेगी। इससे दिन के तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

बता दें कि 1 से 9 अप्रैल तक राज्य के कई जिलों में आंधी-बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। गुरुवार को भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की एक्टिविटी देखने को मिली। इनके असर से पूर्वी हिस्से के उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में मौसम बदला रहा। अब आज 10 अप्रैल शुक्रवार से सिस्टम का असर खत्म हो गया है। IMD की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 5 दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इसका मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी।

प्रदेश के सबसे ठंडे और गर्म जिलें

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान नर्मदापुरम में 38.4°C दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.7°C कल्याणपुर (शहडोल) में रिकॉर्ड किया गया।

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सबसे अधिक तापमान वाले शहर

प्रदेश में गर्मी का असर कुछ क्षेत्रों में अधिक देखने को मिला, जहां अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा—

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नर्मदापुरम – 38.4°C,  खंडवा – 37.1°C, खरगोन – 37.0°C, बैरसिया (भोपाल) – 36.5°C, विदिशा – 36.2°C

सबसे कम तापमान वाले शहर

न्यूनतम तापमान के लिहाज से कुछ क्षेत्रों में हल्की ठंडक बनी रही—
कल्याणपुर (शहडोल) – 14.7°C, पचमढ़ी (नर्मदापुरम) – 14.8°C, रीवा – 16.2°C, चित्रकूट (सतना) / गिरवर (शाजापुर) – 16.3°C, आवरी (अशोकनगर) – 16.8°C

मौसम प्रणाली (Synoptic Situation)

मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ मध्य-स्तरीय उष्णकटिबंधीय पश्चिमी हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। आंतरिक ओडिशा से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना और तमिलनाडु तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ सक्रिय है।

उष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवाहित हो रही है। साथ ही 15 अप्रैल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।  

किसानों के लिए मौसम आधारित सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा और बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। गेहूं की फसल में दाना भरने की अवस्था के दौरान समय पर सिंचाई कर मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखें। फसलों की नियमित निगरानी करते हुए कीट एवं रोग दिखाई देने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाएं।

सरसों और अन्य रबी फसलों की समय पर कटाई कर दाने झड़ने से होने वाले नुकसान से बचें। जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है वहां मूंग और उड़द जैसी ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई जारी रखें। सब्जी फसलों जैसे टमाटर, मिर्च और बैंगन में नियमित सिंचाई और पोषक तत्व प्रबंधन करें।

इसके अलावा बागवानी फसलों में पाउडरी मिल्ड्यू, हॉपर और अन्य कीटों की निगरानी कर आवश्यक पौध संरक्षण उपाय अपनाने की सलाह दी गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों सुरक्षित रह सकें।

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