राज्य कृषि समाचार (State News)

MP बनेगा देश का मिल्क कैपिटल: सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, पशुपालकों से पूरा दूध खरीदेगी सरकार

07 मई 2026, ग्वालियर: MP बनेगा देश का मिल्क कैपिटल: सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, पशुपालकों से पूरा दूध खरीदेगी सरकार – ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय पशुपालक एवं दुग्ध उत्पादक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को देश का “मिल्क कैपिटल” बनाने का बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि दुग्ध व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार पशुपालकों से पूरा दूध खरीदेगी और उन्हें उचित मूल्य दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर क्षेत्र प्राचीनकाल से ही गौवंश और पशुपालन की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है और प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने पशुपालकों से आधुनिक तकनीक अपनाने, बेहतर प्रबंधन करने और सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित किए गए और पशुपालन को बढ़ावा देने का संकल्प भी दिलाया गया।

हर ब्लॉक में बनेगा वृंदावन ग्राम

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक “वृंदावन ग्राम” विकसित किया जा रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलेगी। पशुपालकों को दी जाने वाली गौवंश आहार सहायता राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति पशु कर दी गई है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि विकास कार्यों के लिए भूमि लेने पर चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।

पशुपालन को बढ़ावा, नई सुविधाओं की घोषणा

ग्वालियर में पशुओं के लिए केयर एंड वेलनेस सेंटर खोलने, पशु स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन और डबरा में नए पशु चिकित्सालय की स्थापना की घोषणा की गई। साथ ही, बीमार पशुओं के इलाज के लिए गौ-एम्बुलेंस सेवा भी संचालित की जा रही है, जो एक कॉल पर पशुपालकों तक पहुंचती है।

गौशालाओं और डेयरी को मिल रहा प्रोत्साहन

सरकार 25 गायों की गौशाला खोलने पर 10 लाख रुपए तक की सब्सिडी दे रही है। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से दूध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास तेज किए गए हैं। प्रदेश में नई गौशालाएं खोली जा रही हैं और निराश्रित पशुओं को वहां आश्रय दिया जा रहा है।

ग्वालियर की गौशालाएं बनीं मिसाल

ग्वालियर की लाल टिपारा आदर्श गौशाला में 10 हजार से अधिक गौवंश का पालन हो रहा है, जहां गोबर से जैविक खाद और सीएनजी का उत्पादन किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य गौशालाओं में भी जैविक उत्पाद, दुग्ध और घी उत्पादन से आत्मनिर्भरता की दिशा में काम हो रहा है।

डेयरी सेक्टर में बढ़ रहा उत्पादन और रोजगार

राज्य में दूध कलेक्शन 9 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 12 लाख लीटर हो गया है और इसे 50 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और आधुनिक तकनीक के माध्यम से डेयरी सेक्टर को मजबूत कर रही है।

प्रदर्शनी और योजनाओं का प्रदर्शन

सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं, वृंदावन ग्राम थीम और विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें आत्मनिर्भर गौशालाएं, कामधेनु योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन और दुग्ध उत्पादों की लैब टेस्टिंग जैसी पहलें प्रमुख रहीं।

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