राजस्थान में 80 लाख से ज्यादा किसान फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े, अब सीधे मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
27 दिसंबर 2025, जयपुर: राजस्थान में 80 लाख से ज्यादा किसान फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े, अब सीधे मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ – राजस्थान सरकार ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से देने के लिए फार्मर रजिस्ट्री को तेजी से लागू किया है। राज्य में अब तक 80 लाख से अधिक किसान राजस्थान फार्मर रजिस्ट्री से पंजीकृत हो चुके हैं। यह रजिस्ट्री अब राज्य और केंद्र सरकार की अधिकांश कृषि योजनाओं का मुख्य आधार बन गई है।
राजस्व विभाग के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बिक्री, फसल बीमा, कृषि ऋण और आपदा राहत जैसी सुविधाओं तक सीधी और आसान पहुंच मिल रही है। आने वाले समय में कई अन्य योजनाओं का लाभ भी केवल पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा।
कहां करा सकते हैं किसान अपना पंजीकरण
राजस्थान में किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण नजदीकी ई-मित्र केंद्र, ग्राम पंचायत , तहसील कार्यालय, या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से करा सकते हैं। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते पंजीकरण करवा लें, ताकि किसी भी योजना का लाभ मिलने में देरी न हो।
रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज
फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। इनमें आधार कार्ड, जमाबंदी या खसरा संख्या, और आधार से लिंक मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से शामिल हैं। दस्तावेज सही होने पर किसान को एक यूनिक फार्मर आईडी प्रदान की जाती है।
केंद्र सरकार की डिजिटल पहल का हिस्सा है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री केंद्र सरकार की डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की एक अहम पहल है, जिसे AgriStack के नाम से जाना जाता है। इस मिशन का उद्देश्य देशभर के किसानों का एक प्रामाणिक और एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है।
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, हर किसान को दी जा रही यूनिक फार्मर आईडी से यह सुनिश्चित होगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पात्र किसान तक समय पर पहुंचे।
फर्जी लाभार्थियों पर लगेगी रोक
AgriStack को सितंबर 2024 में मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद फार्मर रजिस्ट्री को इसका प्रमुख आधार बनाया गया। इस रजिस्ट्री के जरिए पीएम किसान योजना, फसल बीमा, एमएसपी पर खरीद, कृषि ऋण और आपदा राहत जैसी योजनाओं को सीधे किसान से जोड़ा जा रहा है। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
आगे खेती से जुड़ी सभी सेवाएं होंगी डिजिटल
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर फार्मर रजिस्ट्री को और मजबूत कर रही हैं। इसके तहत भूमि रिकॉर्ड, किसान विवरण और आधार आधारित पहचान को आपस में जोड़ा जा रहा है।
AgriStack के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भविष्य में खेती से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं इसी डिजिटल पहचान के जरिए दी जाएंगी। इससे किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


