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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में एसकेएवाई पोर्टल का 34 हजार से अधिक लोगों ने विजिट किया

सौर कृषि आजीविका योजना की समीक्षा

10 नवम्बर 2022, जयपुर । राजस्थान में एसकेएवाई पोर्टल का 34 हजार से अधिक लोगों ने विजिट किया – प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष डिस्कॉम्स श्री भास्कर.ए.सावंत ने  वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से सौर कृषि आजीविका योजना के पोर्टल के शुभारम्भ के बाद अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक श्री अजीत कुमार सक्सेना, अजमेर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक श्री एन. एस. निर्वाण, जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक श्री प्रमोद टांक और तीनों डिस्कॉम के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने गतद 17 अक्टूबर, 2022 को सौर कृषि आजीविका योजना के पोर्टल www.skayrajasthan.org.in का शुभारंभ किया था। यह पोर्टल किसानों एवं विकासकर्ताओं को किसानों की बंजर/ अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना में मदद करेगा।

श्री सावंत ने सर्किलवार अधीक्षण अभियंताओं से योजना की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि इस योजना का प्रदेश के किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए सभी अभियंता समन्वय से कार्य करते हुए विशेष प्रयास करें। इस योजना के तहत स्थापित होने वाले सौर ऊर्जा संयंत्रों से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इनसे उत्पादित होने वाली बिजली आस-पास के क्षेत्र के किसानों को ही मिलेगी और उनको दिन के समय कृषि कार्य के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

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समीक्षा बैठक में बताया कि योजना के शुभारम्भ के बाद किसानों एवं विकासकर्ताओं का अच्छा रेस्पान्स मिल रहा है और अब तक 34621 से अधिक लोगों ने योजना के पोर्टल को विजिट किया है। योजना के तहत 7217 किसानों ने अपनी बंजर/अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए एसकेएवाई पोर्टल पर पंजीकरण कराया हैं। इसके साथ ही 753 सौर ऊर्जा संयंत्रों के विकासकर्ताओं ने भी पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है। 14 किसानों व 14 विकासकर्ताओं ने निर्धारित फीस भी जमा करवाई है।

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श्री सावंत ने बताया कि किसानों व विकासकर्ताओं को योजना के बारे में जानकारी प्रदान के लिए शीघ्र ही डिस्कॉम स्तर पर डेडीकेटेड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। जिसके नम्बर पर कार्यालय समय में किसान व विकासकर्ता कॉल करके और अधिक जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अलवर व जयपुर जिले के किसानों ने योजना में अधिक उत्साह दिखाया है। इसमें अलवर जिले में 3 औंर जयपुर जिले में 7 किसानों ने अपनी भूमि का पंजीकरण निर्धारित फीस के साथ विभिन्न जीएसएस के लिए कराया है और पोर्टल पर जमीन के डाक्यूमेन्ट भी अपलोड कर दिए है। डिस्कॅाम अधिकारियों द्वारा भूमि के सत्यापन के पश्चात इन जीएसएस के लिए डिस्कॉम द्वारा शीघ्र ही टेण्डर जारी करने की प्रक्रिया की जाएगी।

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