देवास जिले में मक्का-ज्वार रकबे में अधिक वृद्धि : श्री कनेरिया

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shri kaneria

4 जुलाई 2022, देवास । देवास जिले में मक्का-ज्वार रकबे में अधिक वृद्धि : श्री कनेरिया –  जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, फसलों का उचित मूल्य ना मिलना जैसी खेती में आ रही परेशानियों का समाधान फसल विविधीकरण अपनाकर किया जा सकता है। एक ही फसल पर निर्भर ना होकर किसान खरीफ में अन्य फसलों की बुवाई करने को लेकर जिले के कलेक्टर श्री चन्द्रमोली शुक्ला के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन में कृषकों को फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जिले के उपसंचालक कृषि श्री आर. पी. कनेरिया बताते हैं कि इस वर्ष खरीफ का कुल रकबा 3 लाख 92 हजार प्रस्तावित है। इसमें सोयाबीन 2 लाख 82 हजार हेक्टेयर, मक्का 55 हजार, ज्वार 17 हजार, उड़द 16 हजार, अरहर 95 हजार, मूंग 10 हजार 500, एवं तिल, मूंगफली, कपास आदि फसलों का 2 हजार हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य रखा है। इस वर्ष मक्का एवं ज्वार फसलों के उत्पादन में किसान अधिक रुचि दिखा रहे हैं, दोनों फसलों के रकबे में वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष मक्का का 39 हजार, ज्वार का 12 हजार हेक्टेयर ही रकबा था। श्री कनेरिया ने बताया जिले में सोयाबीन के लिए प्रमुख किस्में जेएस 2034, 2098, एनआरसी- 86, आरबीएस 2001-4, 2008, 20-18, 2024 से कोई भी प्रजाति का चयन कर 70 प्रतिशत अंकुरण आने, पर्याप्त नमी होने पर ही बुआई करें। कृषक खेत को अच्छे से तैयार कर, खरपतवार नष्ट, बीज उपचार, अंकुरण पश्चात बोनी आदि बातों का ध्यान रखें जिससे खरीफ फसलों का बेहतर उत्पादन लिया जा सकता है।

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