राज्य कृषि समाचार (State News)

हैप्पी सीडर से मूंग की खेती बनी फायदे का सौदा, किसान को मिली लागत में प्रति एकड़ दो हजार रुपये की बचत  

06 जून 2026, भोपाल: हैप्पी सीडर से मूंग की खेती बनी फायदे का सौदा, किसान को मिली लागत में प्रति एकड़ दो हजार रुपये की बचत – आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान न केवल अपनी उत्पादन लागत कम कर सकते हैं, बल्कि बेहतर उपज प्राप्त कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। इसका उत्कृष्ट उदाहरण विकासखंड टीकमगढ़ के ग्राम नीमखेड़ा निवासी प्रगतिशील कृषक किशोरी यादव ने प्रस्तुत किया है। किसान किशोरी यादव ने कृषि अभियांत्रिकी विभाग एवं बी.आई.एस.ए. जबलपुर के मार्गदर्शन में गेहूं की कटाई के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की उन्नत किस्म विराट की बुवाई हैप्पी सीडर कृषि यंत्र के माध्यम से सीधे खड़ी नरवाई में बिना जुताई के की।

बिना जुताई की बुवाई से बचा समय और लागत

किशोरी यादव ने 8 अप्रैल 2026 को हैप्पी सीडर मशीन की सहायता से मूंग की बुवाई की थी। बिना जुताई सीधे बुवाई होने से खेत की तैयारी में लगने वाला समय, श्रम और अतिरिक्त खर्च बच गया। किसान के अनुसार इस तकनीक को अपनाने से प्रति एकड़ लगभग दो हजार रुपये तक की लागत में बचत हुई। समय पर बुवाई होने से फसल का विकास भी बेहतर हुआ है और अच्छी पैदावार मिलने की संभावना है।

खड़ी नरवाई में हुआ बेहतर अंकुरण

इस तकनीक का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी है कि खेत में बची गेहूं की नरवाई को जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मृदा की उर्वरता भी बनी रहती है। खेत में मौजूद नरवाई नमी संरक्षण का कार्य करती है तथा सिंचाई के बाद सड़कर जैविक खाद के रूप में मिट्टी को पोषण प्रदान करती है।

अनुदान पर उपलब्ध है हैप्पी सीडर यंत्र

किशोरी यादव का कहना है कि यदि किसान आधुनिक कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाएं तो कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अन्य किसानों से भी हैप्पी सीडर जैसी नवाचार आधारित तकनीकों को अपनाने की अपील की है।किसान हैप्पी सीडर यंत्र को अनुदान पर प्राप्त करने के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। पात्र किसानों को यंत्र की लागत का लगभग 50 प्रतिशत अथवा लगभग 90 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाता है।

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