आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय

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15 जुलाई 2021, इंदौर ।  आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय –  वर्षा काल में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हो जाती है या घायल हो जाते हैं। हालांकि इस वर्ष मध्यप्रदेश में मानसून अभी तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है , फिर भी आकाशीय बिजली गिरने से कल इंदौर-उज्जैन संभाग में 6  लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। मौसम विभाग द्वारा आकाशीय बिजली से बचाव के कुछ उपाय बताए गए हैं , जिन्हें अपनाकर हम सुरक्षित रह सकते हैं।

मौसम का पूर्वानुमान देखें –  घर से बाहर जाने से पहले मौसम के पूर्वानुमान की जाँच करें। मौसम की ताज़ा जानकारी रेडियो या टेलीविजन से लें  यदि पूर्वानुमान गड़गड़ाहट के लिए कहता है तो बाहर जाना स्थगित कर दें। गड़गड़ाहट होने पर पक्के घर , जिनकी खिड़कियां बंद हों उनमें शरण लें। धातु की संरचना या निर्माण वाले आश्रय से बचें। 30 -30 का नियम याद रखें। यदि बिजली चमकने के बाद 30 तक गिनती करने से पहले गड़गड़ाहट सुनाई दे तो घर के अंदर जाएं। गरज की अंतिम ताली सुनने के बाद 30 मिनट घर में ही रहें।  यदि आप किसी सुरक्षित स्थान पर नहीं हैं तो  तुरंत पहाड़ियों या ऊँचे क्षेत्रों से दूर हो जाएं। बचने के लिए किसी चट्टान का उपयोग न करें। तालाबों, झीलों और अन्य जल स्रोतों से तुरंत बाहर आएं और दूर हो जाएं। निचले स्थानों पर शरण लें। ज़मीन पर सपाट न लेटे।  यदि कोई आशय उपलब्ध नहीं है तो अपने पैरों को एक साथ रखें अर्थात एड़ियां एक दूजे को स्पर्श करें। सिर को नीचे रखें, कान ढँक लें और आँखें बंद कर लें।  यदि आपकी गर्दन के पीछे के बाल खड़े हो जाएं तो समझें कि बिजली गिरने वाली है। बिजली, फोन , धातु की बाड़ और पवन चक्की से दूर रहें। पेड़ों के नीचे , खास तौर से  अलग पेड़ के नीचे खड़े न रहें।  ध्यान रहे कि रबड़ शोल के जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा नहीं करते हैं।  फोम पेड हो तो उसे अपने नीचे रखें। यदि आंधी के दौरान आप समूह में हों तो एक दूसरे से अलग हो जाएं। बच्चो, बुजुर्गों और पशुओं को विशेष सहायता देकर बचाएं।

घर पर रखी जाने वाली सावधानियां –  घर, ऑफिस या अन्य स्थानों को आकाशीय बिजली से सुरक्षित माना जाता है , फिर भी कुछ सावधानियां रखकर जोखिम को कम किया जा सकता है। काले आसमान और गड़गड़ाहट सुनाई देने पर 30 -30  नियम का पालन करें।  घर के अंदर रहने पर भी खिड़कियां और दरवाज़े बंद रखें।  इलेक्ट्रॉनिक और बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें।  इस दौरान स्नान ,बर्तन धोने या पानी के सम्पर्क से बचें।  बहते पानी से दूर रहें।  बिजली किसी भी धातु के सम्पर्क में आकर नुकसान पहुंचा सकती है। घर के पोर्च,पार्क , खेल के मैदान , जल स्रोत ,कंक्रीट के फर्श और कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें।

यात्रा के दौरान रखी जाने वाली सावधानियां – यदि गरज -चमक के पूर्वानुमान की चेतावनी हो तो अपनी यात्रा स्थगित कर दें।  इस दौरान खले वाहनों जैसे बाइक , गोल्फ कार्ट से बचें।  साईकिल, मोटरसाइकिल,और खेत के ऐसे वाहनों को , जो बिजली को आकर्षित कर सकते हैं, उन्हें हटाएँ। यदि इस डॉयरान तैराकी या नौका विहार कर रहे हों तो पानी से तुरंत बाहर निकलें और सुरक्षित स्थान पर जाएं। तूफ़ान के डॉयरान वाहन में तब तक रहें , जब तक कि मदद न पहुंचे या तूफ़ान गुजर न जाए। धातु की छत सुरक्षा देगी यदि आप धातु को न छू रहे हों।

प्राथमिक उपचार : बिजली गिरने से पीड़ित को डॉक्टर के आने तक प्राथमिक उपचार दें। पीड़ित की साँस, धड़कन और नदी को जांचें।  नाड़ी की जाँच के लिए सबसे अच्छी जगह कैरोटिड धमनी है , जो आपकी गर्दन पर सीधे आपके जबड़े के नीचे पाई जाती है।  पीड़ित के साँस नहीं लेने पर मुंह से साँस दें।  प्लस नहीं होने पर कार्डियक कम्प्रेशन (सीपीआर ) भी शुरू करें। बिजली गिरने से बचे व्यक्ति की हड्डियों, आँखें,चोटों के निशान और सुनने की जाँच करें। लकवा या अधिक खून का स्त्राव कठिन हो सकता है।  उपचार का स्थान जोखिम वाला होने पर पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। ध्यान  रहे बिजली की चपेट में आने वाले लोगों को विद्युत् आवेश नहीं होता है और उन्हें सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।  हेल्प लाइन नंबर 1078 पर कॉल करके सटीक स्थान और पीड़ित की जानकारी दें और फिर उसे अस्पताल ले जाएं।

कृषि में क्या करें , क्या न करें –  तेज़ हवाओं के साथ गरज होने पर बागों में मशीनी सहायता ,सब्जियों में खूंटा लगाएं।  यदि खेत में किसान को सुरक्षित आश्रय नहीं मिल रहा है तो क्षेत्र की सबसे ऊँची वस्तु से बचें।  यदि दूर -दूर पेड़ हैं तो सबसे अच्छा संरक्षण खुले में झुकना है।  पशुओं को खुले में, पानी , तालाब और नदी से दूर रखें।  पशुओं को पेड़ों  के नीचे नहीं बांधें। जानवरों को ट्रैक्टर या अन्य धातुओं के कृषि उपकरणों से दूर रखें। खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी बाहर निकालें। कटी हुई उपज को पॉलीथिन शीट से ढंक दें। विद्युत् उपकरण और डोरियों के सम्पर्क से बचें। बिजली गिरने के दौरान  किसी भी धातु , ट्रैक्टर ,खेत के उपकरण , साईकिल से दूर रहें क्योंकि धातु की सतहें बिजली संचालक के रूप में काम करती है।

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