Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

गेंदे की खेती से चमकी महिला किसान की किस्मत, हर महीने 14 हजार रुपये तक पहुंची आय

10 जून 2026, भोपाल: गेंदे की खेती से चमकी महिला किसान की किस्मत, हर महीने 14 हजार रुपये तक पहुंची आय – मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से बैढ़न विकासखंड के ग्राम छतौली की रहने वाली श्रीमती सलिता प्रजापति आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई हैं। कभी आर्थिक तंगी और पारंपरिक खेती की सीमित आय से जूझने वाली सलिता ने आज गेंदे की खेती के माध्यम से अपनी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की नई पहचान बनाई है।

पारंपरिक खेती से नहीं हो रही थी पर्याप्त आय

कक्षा 5वीं तक शिक्षित सलिता प्रजापति का परिवार पहले गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर था। खेती में लागत अधिक लगती थी, जबकि मुनाफा अपेक्षाकृत कम मिलता था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।

स्व-सहायता समूह से मिली नई दिशा

वर्ष 2018 में सलिता प्रजापति ने “आकाश स्व-सहायता समूह” से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह की बैठकों में उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली। इसी दौरान मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें आधुनिक और लाभकारी खेती के बारे में मार्गदर्शन दिया।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

विशेषज्ञों की प्रेरणा और तकनीकी प्रशिक्षण के बाद उन्होंने पारंपरिक खेती के बजाय कम समय और कम पानी में तैयार होने वाली गेंदे के फूलों की खेती अपनाने का फैसला किया।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

गेंदे की खेती से बढ़ी आय

शुरुआत में कुछ चुनौतियां आईं, लेकिन सलिता ने वैज्ञानिक तरीके अपनाकर अपने खेत में उन्नत किस्म के गेंदे के पौधे लगाए। बैढ़न और सिंगरौली के स्थानीय बाजारों के अलावा शादियों और त्योहारों में गेंदे के फूलों की अच्छी मांग होने से उनकी फसल आसानी से बिकने लगी।

फूलों की नियमित तुड़ाई होने के कारण उन्हें लगातार नकद आय मिलने लगी। इस पहल से उनकी व्यक्तिगत मासिक आय 10 से 11 हजार रुपये और पारिवारिक आय 12 से 14 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई है।

सरकारी योजनाओं का भी मिला लाभ

सलिता प्रजापति ने खेती के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठाया है। उन्हें उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ मिला, जिससे परिवार की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई।

बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा

आज सलिता प्रजापति केवल एक गृहणी नहीं, बल्कि गांव की एक सफल आजीविका सखी और प्रगतिशील महिला किसान के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, तकनीकी प्रशिक्षण और मेहनत के बल पर ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

सलिता की कहानी क्षेत्र की अन्य महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो खेती में नवाचार अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का सपना देख रहे हैं।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture