मध्यप्रदेश किसानों को बड़ी राहत: अब 0% ब्याज पर मिलेगा फसल ऋण, चुकाने के लिए मिलेंगे 12 महीने
25 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश किसानों को बड़ी राहत: अब 0% ब्याज पर मिलेगा फसल ऋण, चुकाने के लिए मिलेंगे 12 महीने – मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को सस्ती और आसान कृषि ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई शर्तों को मंजूरी दे दी गई। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से किसानों को खेती के लिए समय पर पूंजी उपलब्ध होगी, ऋण प्रक्रिया सरल बनेगी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
खरीफ और रबी ऋण के लिए लागू होगी एकल वार्षिक ऋण सीमा
मंत्रि-परिषद के निर्णय के अनुसार अब किसानों को खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग ऋण अवधि और अलग ड्यू डेट की व्यवस्था से राहत मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत किसानों को वार्षिक एकल ऋण सीमा (एनुअल सिंगल लिमिट) प्रदान की जाएगी।
इस सीमा के अंतर्गत नगद ऋण और वस्तु ऋण की अलग-अलग उप-सीमाएं निर्धारित रहेंगी। इससे किसानों को बार-बार ऋण स्वीकृति और नवीनीकरण की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा तथा ऋण प्रबंधन पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।
ऋण चुकाने के लिए मिलेंगे पूरे 12 महीने
नई व्यवस्था के तहत किसान जिस दिन पहली बार स्वीकृत वार्षिक ऋण सीमा से राशि निकालेंगे, उसी दिन से अगले 12 माह तक उन्हें ऋण चुकाने की सुविधा मिलेगी। इससे किसानों को फसल चक्र के अनुसार ऋण वापसी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से किसानों को वित्तीय दबाव से राहत मिलेगी और वे खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरा कर सकेंगे।
समय पर भुगतान करने वालों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
राज्य सरकार किसानों को अल्पावधि फसल ऋण पर 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा जो किसान निर्धारित ड्यू डेट तक अपने ऋण की पूरी अदायगी कर देंगे, उन्हें 4 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर ऋण चुकाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें ब्याज मुक्त कृषि ऋण का लाभ प्रदान करना है।
वर्ष 2012-13 से चल रही है योजना
मध्यप्रदेश में जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना वर्ष 2012-13 से संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत निर्धारित समय सीमा तक ऋण चुकाने वाले किसानों से 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता। यही कारण है कि यह योजना प्रदेश के किसानों के बीच काफी लोकप्रिय रही है।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती हैं ब्याज सहायता
योजना के संचालन के लिए हर वर्ष बेस रेट और ड्यू डेट निर्धारित की जाती है। निर्धारित ब्याज दर में से भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली ब्याज सहायता राशि को घटाने के बाद शेष राशि राज्य सरकार ब्याज अनुदान के रूप में वहन करती है।
इसी व्यवस्था के कारण किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण उपलब्ध हो पाता है। इससे खेती के लिए आवश्यक पूंजी समय पर मिलती है और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता भी कम होती है।
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