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राज्य कृषि समाचार (State News)

अब खसरे की किताब कम्प्यूटरीकृत ही जारी होगी

26 अप्रैल 2023, भोपाल: अब खसरे की किताब कम्प्यूटरीकृत ही जारी होगी – किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश राजस्व विभाग द्वारा दिशा निर्देश जारी किये गये है। जारी निर्देशों के तहत अब नवीन भू-अधिकार पुस्तिका कम्प्यूटरीकृत रूप में ही जारी होगी। पूर्व में जारी भू अधिकार पुस्तिका यथावत् प्रचलन में रहेगी। परन्तु नवीन भू-अधिकार पुस्तिका कम्प्यूटरीकृत रूप में ही जारी होगी। भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ हेतु 30 रूपये एवं अतिरिक्त प्रति पृष्ठ 15 रुपये शुल्क निर्धारित है। भू-अधिकार पुस्तिका न्यूनतम दो पृष्ठों की होगी, इस प्रकार दो पृष्ठों की भू-अधिकार पुस्तिका की कीमत 45 रुपये निर्धारित की गई है। अतिरिक पृष्ठ जोड़े जाने पर प्रतिपृष्ठ 15 रुपये देय होगा।

कैसे मिलेगी भू-अधिकार पुस्तिका

भू-अधिकार पुस्तिका शुल्क अदा करने पर भूलेख पोर्टल www.mpbhulekh.gov.in पर ऑनलाइन, आईटी सेन्टर, MPOnline, लोक सेवा केन्द्र एवं शासन द्वारा प्राधिकृत सेवा प्रदाता से प्राप्त की जा सकेगी। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता नियम, 2020 के प्रावधान अनुसार भू-सर्वेक्षण उपरांत प्रथमवार भू-अधिकार पुस्तिका संबंधित भूमिस्वामी को निःशुल्क प्रदाय की जायेगी। इसके अतिरिक्त भूः राजस्व संहिता 1959 के अंतर्गत विनिर्मित नियमों में जहाँ-जहाँ भू-अधिकार पुस्तिका निःशुल्क जारी करने का प्रावधान है, संबंधित व्यक्ति को भू-अधिकार पुस्तिका निःशुल्क दी जायेगी। निःशुल्क दी जाने वाली भू-अधिकार पुस्तिका जारी करने के लिए तहसीलदार को भूलेख पोर्टल पर लोगिन कर अपने लोगिन से भू-अधिकार पुस्तिका का प्रिंट जारी करने का अधिकार होगा। भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर संबंधित भूमि स्वामी की समग्र आईडी डाला जाना सुनिश्चित किया जायेगा।

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पुस्तिका पर भूमि स्वामी का फोटो छपा होगा। यदि भूमि स्वामी का प्रकार निजी संस्था है, तो भू-अधिकार पुस्तिका पर समग्र आईडी एवं फोटो की आवश्यकता नहीं होगी।यदि संबंधित कृषक का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध है तो उसे भू-अधिकार पर कृषक से सत्यापित कराया जाकर मुद्रित कराया जायेगा। यदि कृषक का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध नहीं है अथवा भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध फोटो से वह संतुष्ट नहीं है तो संबंधित कृषक के आधार exkyc के माध्यम से उसे प्राप्त किया जायेगा। इस प्रकार प्राप्त फोटो को संबंधित पटवारी से सत्यापित भी कराया जायेगा।

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पटवारी से सत्यापन

यदि कृषक के पास आधार नंबर नहीं है अथवा वह आधार नंबर प्रदाय नहीं कर रहा है तो ऐसी स्थिति में कृषक का फोटो ऑनलाइन आवेदन करते समय लिया जाकर पटवारी से सत्यापित कराया जायेगा। पटवारी को फोटो सत्यापित करने के लिए 03 कार्य दिवस में सत्यापित करना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में पटवारी द्वारा कृषक के फोटो को सत्यापित अथवा अमान्य नहीं किया जाता है, तो यह मानकर कि आधार ekYC से प्राप्त अथवा कृषक द्वारा प्रदाय फोटो सही है, भू अधिकार पुस्तिका जारी की जायेगी।

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