राज्य कृषि समाचार (State News)

हरियाणा में प्राकृतिक खेती को मिलेगा नया विस्तार, हर जिले में बनेगी ‘प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी’

11 जुलाई 2026, भोपाल: हरियाणा में प्राकृतिक खेती को मिलेगा नया विस्तार, हर जिले में बनेगी ‘प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी’ – हरियाणा सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती संवाद’ कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटी’ का गठन किया जाएगा। यह पहल प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और अधिक से अधिक किसानों को रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समितियों में प्राकृतिक खेती का सफल अनुभव रखने वाले प्रगतिशील किसानों, कृषि विशेषज्ञों तथा संबंधित अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। समितियां गांव-गांव जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, उसके आर्थिक लाभ, मृदा संरक्षण और पर्यावरणीय महत्व के बारे में जागरूक करेंगी। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और प्रोत्साहन उपायों की जानकारी भी किसानों के साथ साझा की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर बढ़ती निर्भरता से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हुई है और खेती की लागत भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, भूमि की गुणवत्ता सुधारने और सुरक्षित खाद्यान्न उत्पादन का प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला स्तर पर बनने वाली ‘प्रकृति श्री अन्न प्रेरक किसान कमेटियां’ प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इनके माध्यम से किसानों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ेगा और अधिक किसान रसायन मुक्त एवं टिकाऊ खेती की ओर अग्रसर होंगे।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस पहल का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो हरियाणा में प्राकृतिक खेती का दायरा तेजी से बढ़ेगा। इससे खेती की लागत में कमी, मिट्टी की सेहत में सुधार, जल संरक्षण और किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture