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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने की बड़ी तैयारी, 50 लाख लीटर रोज का लक्ष्य; गौपालकों को मिली करोड़ों की सौगात    

04 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने की बड़ी तैयारी, 50 लाख लीटर रोज का लक्ष्य; गौपालकों को मिली करोड़ों की सौगात – मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने और गौपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि पशुधन और दुग्ध उत्पादन किसानों व गौपालकों की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख आधार है। सभी मिलकर प्रयास करेंगे तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

गौपालकों को करोड़ों की सहायता

सम्मेलन में अमित शाह ने भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालक सदस्यों को 15.10 करोड़ रुपये की लाभांश (बोनस) राशि और प्रदेश की गौशालाओं को गौवंश के संरक्षण व आहार आदि के लिए 88 करोड़ रुपये की सहायता सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस तरह कुल 103.10 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। उन्होंने पांच गौपालक दीदियों और सर्वश्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन करने वाली समिति के सदस्यों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा दो पशुपालकों को राज्य सरकार की डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत स्वीकृति आशय-पत्र भी दिए गए।

उज्जैन में बनेगा 255 करोड़ का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट

अमित शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन किया। वहीं भोपाल में 16.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और 12.42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार राज्य स्तरीय केंद्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण किया गया। शिवपुरी में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण किया गया। सरकार का जोर दूध के साथ दही, मक्खन और पनीर जैसे उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए डेयरी इकोसिस्टम तैयार करने पर भी है।

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सहकारी समितियों से मिलेगा ज्यादा दाम

अमित शाह ने कहा कि बिचौलियों को दूध बेचने पर दुग्ध उत्पादकों को करीब 35 रुपये प्रति लीटर मिलते हैं, जबकि सहकारी समितियों को दूध बेचने पर 55 रुपये प्रति लीटर तक दाम मिलने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से गौपालकों को बेहतर बाजार और दूध की प्रोसेसिंग से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में अब तक 1700 से ज्यादा दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए एमओयू के बाद प्रदेश में दूध कलेक्शन 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचने की जानकारी दी गई। प्रदेश के गौपालकों को दूध का 8.50 रुपये प्रति लीटर अधिक दाम मिलने की बात भी सम्मेलन में कही गई।

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नस्ल सुधार पर भी जोर

प्रदेश में करीब 50 एकड़ भूमि में गौवंश और भैंसों की नस्ल सुधार का काम शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि नस्ल सुधार और नई प्रजनन तकनीकों से दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अगले तीन साल में दूध उत्पादन क्षमता को 10 लाख लीटर से बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए पशु नस्ल सुधार, पशु आहार, चारा प्रबंधन और कृत्रिम गर्भाधान जैसे क्षेत्रों पर भी काम किया जा रहा है।

देश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन कर रहा भारत

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2013-14 तक देश में कुल दूध उत्पादन 14 करोड़ 7 लाख टन था, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 10 वर्षों में बढ़कर 25 करोड़ टन से अधिक हो गया। प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की बात कही गई और यह अब 485 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन बताया गया। भारत दुनिया में सबसे अधिक दूध उत्पादन करने वाला देश है। देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

गांवों में बनेंगी 75 हजार डेयरी सहकारी समितियां

अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने गांवों में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई डेयरी समितियों के लक्ष्य को पूरा करने में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत पशुओं की नस्ल सुधार, पशु आहार, गोबर से बायोगैस और अन्य उत्पाद, चारा प्रबंधन और कृत्रिम गर्भाधान जैसे क्षेत्रों पर काम किया जा रहा है। गोबर के वैज्ञानिक संग्रह, स्वच्छ ऊर्जा निर्माण और ग्रामीण रोजगार के लिए भी मॉडल तैयार किए गए हैं।

MP में दूध उत्पादन में देश का तीसरा स्थान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नई दुग्ध क्रांति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 80 लाख से अधिक गौपालकों का परिवार है और सरकार गौपालन, दूध उत्पादन, पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और मत्स्य पालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में अब देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश की सभी दुग्ध सहकारी समितियों को और मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

गोवर्धन पूजा से पहले तीन नए संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौपालकों और दुग्ध उत्पादकों के लिए तीन नई घोषणाएं भी कीं। प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों के वृंदावन ग्रामों में उत्कृष्ट गौपालकों की प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख रुपये, द्वितीय को 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रदेश में वर्तमान में 406 गौ-एम्बुलेंस चल रही हैं। अब इसमें 168 नई गौ-एम्बुलेंस जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा उन्नत दुधारू नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पशुपालकों के बड़े मेले आयोजित किए जाएंगे।

गौशालाओं का अनुदान बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय

मुख्यमंत्री ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में स्थित गौशालाओं को मिलने वाला अनुदान 20 रुपये प्रति गाय से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय कर दिया गया है। प्रदेश में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना भी संचालित की जा रही है। इसके तहत 40 लाख रुपये का ऋण लेकर 25 गाय पालने पर सरकार 10 लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है। प्रदेश में करीब 3500 गौशालाओं में 5 लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक ब्लॉक में वृंदावन ग्राम विकसित किए जा रहे हैं, जहां उन्नत नस्ल के पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

MP में शुरू हुई श्वेत क्रांति 2.0

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ाने और दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। जिन गांवों में अभी दुग्ध समितियां नहीं बनी हैं, वहां भी समितियां गठित की जाएंगी। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत कुल 6 दुग्ध सहकारी संघ संचालित हैं। प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन होने की जानकारी दी गई। सरकार गिर, साहीवाल जैसी उन्नत नस्लों की संख्या बढ़ाने और गौशालाओं में उन्नत नस्ल की गायों से दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

नशामुक्ति और नक्सलवाद पर भी बोले अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि देश नक्सलवाद की समस्या से निजात पा चुका है और अब देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करना है। उन्होंने 2029 के अंत तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य बताया। साथ ही मध्यप्रदेश के नागरिकों से 31 दिसंबर 2029 तक प्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

न्याय संहिता प्रदर्शनी का शुभारंभ

सम्मेलन के दौरान न्याय संहिता प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। अमित शाह ने कहा कि नई भारतीय न्याय संहिता में ऑनलाइन एफआईआर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और एफएसएल जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर के बाद तीन वर्ष में दोषी को सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। महिला सुरक्षा, आतंकवाद और लिंचिंग से सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख किया।

नगर वन के लिए एमओयू

भोपाल में मोरवन प्रोजेक्ट के तहत नगर वन विकसित करने के लिए कृभको और मध्यप्रदेश बॉयोडायवर्सिटी बोर्ड के बीच एमओयू हुआ। इसका उद्देश्य भोपाल में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन करना है। सम्मेलन में किसान कल्याण वर्ष 2026 और बलराम कृषि महोत्सव पर केंद्रित लघु फिल्म के साथ ‘मप्र में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात’ विषय पर भी लघु फिल्म दिखाई गई। कार्यक्रम से पहले अमित शाह ने किसान कल्याण वर्ष 2026 पर केंद्रित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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