मध्यप्रदेश: स्प्रिंकलर तकनीक से बदली किसान मांगीलाल की तकदीर, गेहूं उत्पादन में 25% तक बढ़ोतरी
03 जून 2026, नई दिल्ली: मध्यप्रदेश: स्प्रिंकलर तकनीक से बदली किसान मांगीलाल की तकदीर, गेहूं उत्पादन में 25% तक बढ़ोतरी – मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के लटेरी विकासखंड के ग्राम सेमरी सिकंदराबाद निवासी कृषक मांगीलाल सहरिया ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत स्प्रिंकलर सेट का लाभ लेकर अपनी खेती को नई दिशा दी है। सीमित जल संसाधनों और लाल पथरीली भूमि की चुनौतियों से जूझ रहे किसान को अब बेहतर उत्पादन और पानी की बचत का लाभ मिल रहा है।
कृषक मांगीलाल बताते हैं कि उनके पास कुल 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है। भूमि की प्रकृति लाल एवं पथरीली होने के कारण उसमें जल धारण क्षमता कम थी, जिससे मिट्टी जल्दी सूख जाती थी और फसलों की वृद्धि प्रभावित होती थी। साथ ही सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से फसलों का उत्पादन संतोषजनक नहीं मिल पाता था।
अपनी समस्या कृषि विभाग के समक्ष रखने पर क्षेत्र की कृषि विस्तार अधिकारी ने उन्हें पीडीएमसी योजनांतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में उपलब्ध स्प्रिंकलर सेट के बारे में जानकारी दी। उनके मार्गदर्शन में किसान ने ऑनलाइन आवेदन किया। चयन सूची में नाम आने के बाद उन्होंने पंजीकृत डीलर से स्प्रिंकलर सेट प्राप्त किया, जिस पर उन्हें लगभग 50 से 55 प्रतिशत तक अनुदान मिला।
पानी की बचत के साथ बढ़ा उत्पादन
मांगीलाल को योजना के तहत 30 पाइप और 5 नोजल वाला स्प्रिंकलर सेट मिला। इसके उपयोग से खेत में पानी का समान वितरण होने लगा और खुले पानी के बहाव से होने वाली बर्बादी पर रोक लगी। पहले जहां गेहूं की फसल में केवल एक सिंचाई ही संभव हो पाती थी, वहीं अब दो से तीन सिंचाइयां आसानी से की जा रही हैं।
स्प्रिंकलर पद्धति अपनाने से लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक पानी की बचत हुई है। साथ ही सिंचाई में लगने वाले समय और मजदूरी खर्च में भी कमी आई है। किसान के अनुसार इस तकनीक के उपयोग से गेहूं की फसल का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा है।
कृषक मांगीलाल सहरिया ने कृषि विभाग और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाकर सीमित संसाधनों में भी बेहतर खेती संभव है। उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।
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