Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश: खरीफ 2026 के लिए ‘नवाचार प्रबंधन अभियान’ शुरू, किसानों को मिलेगी नई तकनीक  

18 अप्रैल 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश: खरीफ 2026 के लिए ‘नवाचार प्रबंधन अभियान’ शुरू, किसानों को मिलेगी नई तकनीक  – किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए कृषि क्षेत्र में ‘नवाचार प्रबंधन’ समय की मांग है। विभाग का लक्ष्य है कि परंपरागत खेती के साथ-साथ नई तकनीक, संसाधन संरक्षण और बाजार से सीधा जुड़ाव बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी की जाए।

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि खरीफ 2026 के लिए विभाग ने ‘नवाचार प्रबंधन अभियान’ शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा।

नवाचार प्रबंधन के प्रमुख बिंदु

प्राकृतिक एवं जैविक खेती का विस्तार: 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को रासायनिक मुक्त खेती के अंतर्गत लाने का लक्ष्य। किसानों को निःशुल्क जैविक इनपुट, प्रशिक्षण और प्रमाणीकरण की सुविधा दी जा रही है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

डिजिटल कृषि सेवा: ‘एमपी किसान ऐप’ और ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ के माध्यम से 15 लाख किसानों को मौसम, मंडी भाव, रोग-कीट प्रबंधन और ड्रोन स्प्रे की रियल-टाइम जानकारी मिल रही है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

जल संरक्षण एवं सूक्ष्म सिंचाई: ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के तहत 50 हजार हेक्टेयर में ड्रिप-स्प्रिंकलर स्थापित करने का लक्ष्य। खेत तालाब और फार्म पॉन्ड निर्माण पर 90% तक अनुदान।

फसल विविधीकरण: धान-गेहूं के साथ दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और बागवानी फसलों को बढ़ावा। ‘श्री अन्न’ यानी मिलेट्स के लिए विशेष खरीद नीति लागू।

एफपीओ और सीधी मार्केटिंग: 450 नए कृषक उत्पादक संगठन गठित कर किसानों को एग्रीगेशन, ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और सीधे निर्यात से जोड़ा जा रहा है।

कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम खेती को घाटे से फायदे का सौदा बना रहे हैं। नवाचार प्रबंधन से लागत घटेगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को उपज का सही दाम मिलेगा।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में अब तक 90 लाख किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में त्वरित सर्वे और 72 घंटे में क्लेम निपटारे की व्यवस्था की गई है। सभी योजनाओं की जानकारी समय पर किसानों तक पहुंचे, इसके लिए जिला स्तर पर मीडिया और कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। किसान टोल-फ्री नंबर 0755-2558822 और ‘एमपी किसान ऐप’ से योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं।

https://www.krishakjagat.org/national-news/action-taken-in-substandard-seed-case-following-farmers-complaints-fir-registered-against-nunhems-india-pvt-ltd/

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture