मध्यप्रदेश: ड्रिप सिंचाई बनी वरदान, शिमला मिर्च की खेती से किसान ने कमाया 9.75 लाख का मुनाफा; जानें कैसे
04 जून 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश: ड्रिप सिंचाई बनी वरदान, शिमला मिर्च की खेती से किसान ने कमाया 9.75 लाख का मुनाफा; जानें कैसे – आधुनिक कृषि तकनीकों और शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेकर छिंदवाड़ा जिले के ग्राम उमरेठ निवासी किसान ओमप्रकाश पवार ने खेती में सफलता की नई मिसाल कायम की है। कभी पारंपरिक खेती से सालाना करीब 1.50 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित करने वाले ओमप्रकाश आज ड्रिप सिंचाई और उद्यानिकी खेती के माध्यम से लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। शिमला मिर्च की खेती से उन्हें अब तक 9.75 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो चुका है।
कृषि विभाग के मार्गदर्शन से बदली खेती की दिशा
ओमप्रकाश पवार बताते हैं कि पारंपरिक खेती से होने वाली सीमित आय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान उनका संपर्क उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से हुआ। विभाग ने उन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की जानकारी दी और आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विभागीय मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी 3.5 एकड़ भूमि पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की। इसके बाद उन्होंने तकनीकी तरीके से शिमला मिर्च की खेती शुरू की, जिससे उनकी खेती की तस्वीर ही बदल गई।
ड्रिप सिंचाई से बढ़ा उत्पादन, हुई पानी की बचत
ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने से फसलों को आवश्यकता के अनुसार समय पर पानी मिलने लगा। इससे पानी की बचत हुई और उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बन गई।
16 लाख रुपये की आय, 9.75 लाख का शुद्ध लाभ
ओमप्रकाश पवार ने शिमला मिर्च की खेती में बीज, उर्वरक, मजदूरी, जुताई, मल्चिंग और अन्य कृषि कार्यों पर लगभग 6.25 लाख रुपये खर्च किए। इसके बाद उन्हें अब तक करीब 8 टन शिमला मिर्च का उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 16 लाख रुपये की आय हुई।
सभी खर्चों को निकालने के बाद उन्हें करीब 9.75 लाख रुपये का शुद्ध लाभ मिला है। खास बात यह है कि फसल की अभी 4 से 5 तुड़ाई और बाकी है, जिससे उन्हें अतिरिक्त 4 से 5 लाख रुपये की आय होने की उम्मीद है।
प्रति एकड़ लाखों का मुनाफा
ओमप्रकाश पवार का कहना है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन के बिना इतनी उन्नत खेती संभव नहीं थी। वर्तमान में वे प्रति एकड़ लगभग 3.50 लाख से 4 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रहे हैं।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
ओमप्रकाश पवार की सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाएं और शासन की योजनाओं का लाभ लें, तो खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। उनकी उपलब्धि आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
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