राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश: कृषि वैज्ञानिकों ने रबी फसलों में किसानों को NPK कॉम्प्लेक्स उर्वरक अपनाने की दी सलाह

01 सितम्बर 2025, भोपाल: मध्यप्रदेश: कृषि वैज्ञानिकों ने रबी फसलों में किसानों को NPK कॉम्प्लेक्स उर्वरक अपनाने की दी सलाह – मध्यप्रदेश के हरदा जिले में रबी मौसम 2025-26 अंतर्गत किसानों को सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा यूरिया, डी.ए.पी., टी.एस.पी., एन.पी.के. 20:20:0:13, 12:32:16, 14:35:14 की उपलब्धता के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. रूपचंद जाटव ने जिले के किसानों को सलाह दी है कि, डी.ए.पी. उर्वरक के विकल्प के रूप में एन.पी.के. 20:20:0:13, टी.एस.पी. एवं अन्य उर्वरक का चयन उपलब्धता के आधार पर कर सकते हैं।

चना फसलों के लिए एन.पी.के. कॉम्प्लेक्स 20:20:0:13 सर्वोत्तम

डॉ. जाटव ने बताया कि चना बोने वाले किसानों के लिए एन.पी.के. कॉम्प्लेक्स 20:20:0:13 सर्वोत्तम उर्वरक है, क्योंकि इसमें 13 प्रतिशत सल्फर विद्यमान है। दलहन उत्पादन के लिए सल्फर की प्रोटीन निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। अतः नत्रजन एवं फास्फोरस के साथ-साथ सल्फर भी फसल को प्राप्त होता है, जबकि डी.ए.पी. उर्वरक में नत्रजन एवं फास्फोरस ही प्राप्त हो पाता है। इसीलिए डी.ए.पी. उर्वरक के विकल्प के रूप में एन.पी.के. कॉम्प्लेक्स 20:20:0:13 को अपनाने हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

गेहूं के लिए एन.पी.के. 12:32:16 उपयुक्त

इसी प्रकार गेहूं बोने वाले कृषकों के लिए एन.पी.के. 12:32:16 सर्वोत्तम उर्वरक है, क्योंकि इसमें नत्रजन एवं फास्फोरस के अतिरिक्त 16 प्रतिशत पोटाश विद्यमान रहता है। यह गेहूं के पौधों को दृढ़ता प्रदान करता है तथा इससे दाना चमकदार एवं बोल्ड बनता है। इसीलिए डी.ए.पी. उर्वरक के विकल्प के रूप में एन.पी.के. कॉम्प्लेक्स 12:32:16 को अपनाने हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है एवं कृषक बंधु सहमत होकर सहर्ष एन.पी.के. 12:32:16 क्रय कर रहे हैं।

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