कुसुम-ब योजना: किसानों को केवल 10% अंशदान पर मिल रहे सोलर पंप, बिजली की निर्भरता होगी कम
21 जनवरी 2026, भोपाल: कुसुम-ब योजना: किसानों को केवल 10% अंशदान पर मिल रहे सोलर पंप, बिजली की निर्भरता होगी कम – मध्यप्रदेश के दतिया जिले के अक्षय ऊर्जा अधिकारी तरूण गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना (कुसुम-ब) के तहत जिले के किसानों के लिए सिंचाई की राह आसान हो गई है। वर्ष 2025-26 के लिए जिले में ऑफ ग्रिड सोलर पंप स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे बिजली की निर्भरता कम होगी और खेती की लागत में कमी आएगी।
इस योजना के अंतर्गत सोलर पंप की स्थापना के लिए वित्तीय ढांचा बेहद किसान-अनुकूल रखा गया है। किसान का अंशदान कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत। केंद्रीय अनुदान भारत सरकार द्वारा 30 प्रतिशत की सब्सिडी। बैंक ऋण शेष 60 प्रतिशत राशि किसान को ऋण (स्वंद) के रूप में उपलब्ध कराई जा रही है।
विशेष बात यह है कि इस ऋण की अदायगी की गारंटी म.प्र. शासन द्वारा दी गई है। ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया को नोडल बैंक नियुक्त किया गया है। योजना का लाभ लेने और वेंडर द्वारा काम शुरू करने के लिए ऋण स्वीकृति अनिवार्य है, जिसके लिए निम्न तीन प्रक्रियाएं पूरी होनी चाहिए। कुसुम-ब के राज्य पोर्टल से एआईएफ एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का ऑनलाइन आवेदन जमा करना। नोडल बैंक (सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया) में किसान का खाता होना और सीआईएफ की उपलब्धता। डिजिटल लेंडिंग के माध्यम से बैंक द्वारा ऋण की अंतिम स्वीकृति।
दतिया जिले में अब तक कुल 1106 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 31 दिसंबर 2025 तक 724 आवेदनों के कार्यदेश वर्क आर्डर जारी किए जा चुके हैं। जिसमें 2 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल 4, 3 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल 177, 5 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल 177, 7.5 एच.पी. डी.सी. सबमर्सिबल 28, 7.5 एच.पी. ए.सी. सबमर्सिबल 338 शामिल है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन से जिले के किसानों को दिन के समय सिंचाई की सुविधा मिलेगी और वे पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे सकेंगे।
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