Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

जानिये कैसे होगी समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदी

25 मार्च 2022, भोपाल । जानिये कैसे होगी समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदी – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की उपज का एक एक दाना खरीदेगी। इसके लिए शासन द्वारा पंजीयन से लेकर भुगतान तक की पारदर्शी व्यवस्था की गई है। श्री सिंह एवं सहकारिता मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया ने किसानों से समर्थन मूल्य पर रबी विपणन की खरीदी पर कहा कि इस वर्ष गेहूँ का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो विगत वर्ष से 40 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। प्रदेश सरकार 28 मार्च से गेहूँ खरीदी प्रारंभ करने जा रही है। इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में 28 मार्च से 10 मई, 2022 तक एवं नर्मदापुरम, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्वालियर, भोपाल एवं चम्बल संभाग के जिलों में 4 अप्रैल से 16 मई तक खरीदी की जायेगी।समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी इस वर्ष भी 4663 केन्द्रों पर की जायेगी। इसके अतिरिक्त सायलो मालिकों द्वारा संचालित उपार्जन केन्द्र पर अलग से खरीदी होगी, जो 4663 केन्द्रों के अतिरिक्त होंगे।

बायोमेट्रिक सत्यापन से हुआ पंजीयन

वास्तविक कृषकों का ही पंजीयन हो सके, इसके लिये शासन द्वारा पंजीयन करने के लिये आधार नम्बर आधारित बायोमेट्रिेक/ओटीपी सत्यापन के आधार पर पंजीयन की व्यवस्था की गई थी। इसमें कुल पंजीयन का 41 प्रतिशत बायोमेट्रिक सत्यापन के द्वारा पंजीयन किया गया। इसके तहत ऐसे शारीरिक रूप से अक्षम एवं वृद्ध कृषक, जिनके पास आधार नम्बर नहीं था, उन्हें नामिनी के माध्यम से पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इस सुविधा का लाभ 28 हजार 298 कृषकों द्वारा लिया गया। गेहूँ उपार्जन के लिये 19 लाख 81 हजार किसानों ने पंजीयन कराया, जो विगत वर्ष का 80 प्रतिशत है। इसमें कुल रकबा 42.24 लाख हेक्टेयर है, जो विगत वर्ष से 84 प्रतिशत अधिक है।

किसान की पसंद का होगा खरीदी केन्द्र

किसानों को फसल बेचने के लिये एसएमएस की प्रतीक्षा नहीं करना होगी। अब वे स्वयं स्लॉट बुकिंग कर अपनी पसंद के उपार्जन केन्द्र और विक्रय के लिये दिनांक तथा समय का चयन www.mpeuparjan.nic.in पर कर सकेंगे। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक प्रात: 9 से दोपहर एक बजे तक एवं 2 बजे से 6 बजे तक की जाएगी । फसल विक्रय के लिये स्लॉट की वैधता 3 कार्य दिवस के लिये होगी। स्लॉट बुकिंग करने के पश्चात कृषक उपार्जन केन्द्र का नाम, विक्रय योग्य मात्रा एवं विक्रय के दिनांक की जानकारी का प्रिंट निकाल सकेंगे।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile
भुगतान आधार लिंक खाते में

श्री सिह ने बताया कि कृषकों को उसकी उपज का भुगतान उनके आधार लिंक खाते में करने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को समाप्त किया जा सके।इसके लिए किसान को बैंक शाखा में जाकर खाते को आधार से लिंक कराना होगा। श्री सिंह ने कहा कि किसान द्वारा एफक्यू मापदण्ड का गेहूँ विक्रय के लिये लाया जाता है, तो उसकी साफ-सफाई की आवश्यकता नहीं होगी। परंतु परीक्षण में गेहूँ नॉन एफक्यू पाया जायेगा, तो उन्हें अपना गेहूँ साफ कराना होगा। विभाग द्वारा उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ की सफाई की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें
पर्याप्त भण्डारण क्षमता

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि उपार्जित गेहूँ के भण्डारण के लिये 84 लाख मीट्रिक टन के लिये स्थान रिक्त है। आगामी माह में पीडीएस एवं अन्य माध्यम से स्कंध के उठाव से 34 लाख मीट्रिक टन क्षमता रिक्त होगी तथा 58 लाख मीट्रिक टन के नवीन गोदाम निजी क्षेत्र में बनाये जा रहे हैं। साथ ही 4 लाख मीट्रिक टन के सायलो भी बनाये जा रहे हैं। इस प्रकार कुल 180 लाख मीट्रिक टन क्षमता भण्डार के लिये उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण खबर: गेहूं निर्यात को बढ़ावा देने मुख्यमंत्री ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय