राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में किसान कल्याण संवाद कार्यक्रम की शुरुआत, समस्याओं के समाधान का भरोसा भी

18 अप्रैल 2025, भोपाल: बिहार में किसान कल्याण संवाद कार्यक्रम की शुरुआत, समस्याओं के समाधान का भरोसा भी – बिहार में सरकार ने किसान कल्याण संवाद कार्यक्रम की शुरूआत की है वहीं किसानों की समस्याओं के समाधान का भरोसा भी दिलाया है. गौरतलब है कि बिहार राज्य में सरकार द्वारा किसानों के हितों में कई कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है वहीं किसानों के लिए योजनाएं भी चलाई जा रही है.

इसी तारतम्य में बिहार राज्य के उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री  विजय कुमार सिन्हा ने किसान कल्याण संवाद कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है. उन्होंने सीतामढ़ी जिले के पुनौरा धाम से इस संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की, जहां किसानों ने कृषि में आ रही समस्याओं से उन्हें अवगत कराया. वहीं, कृषि मंत्री ने सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए समस्याओं के समाधान का भरोसा भी दिया. सीतामढ़ी दौरे के दौरान कृषि मंत्री ने मुरादपुर में एक टन प्रति घंटे की क्षमता वाली बीज प्रसंस्करण इकाई और 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम का उद्घाटन भी किया. कृषि मंत्री ने बताया कि मुरादपुर में एक टन प्रति घंटे की क्षमता वाली बीज प्रसंस्करण इकाई और 500 मीट्रिक टन की क्षमता वाला गोदाम किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने में सहायक होगा. साथ ही, इससे प्रसंस्करण की आधारभूत संरचना मजबूत होगी. जिले में 300 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती करने वाले 407 किसानों को 300 क्विंटल गेहूं का आधार बीज उपलब्ध कराया गया है, जिससे अनुमानित 10,500 क्विंटल प्रमाणित गेहूं बीज का उत्पादन होगा. इसका भंडारण और प्रसंस्करण अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगा. इससे बीज समय पर और गुणवत्तायुक्त रूप में किसानों को उपलब्ध हो सकेगा. कृषि मंत्री ने कहा कि भारत की लगभग 46 प्रतिशत और बिहार की 88 प्रतिशत ग्रामीण आबादी कृषि पर निर्भर है. किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण और उत्पादन वृद्धि पर ज़ोर देना होगा. प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के तहत 100 आकांक्षी जिलों में सतत कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे करीब 1.70 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. आगे उन्होंने ने कहा कि बजट 2024-25 में 32 फसलों और बागवानी से जुड़ी 109 उच्च उत्पादकता और जलवायु अनुकूल किस्में जारी की गई हैं. साथ ही, फूलों की खेती को 100 प्रतिशत निर्यात नीति के तहत प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement