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राज्य कृषि समाचार (State News)

किसान चौपाल बनें किसानों से संवाद का प्रभावी माध्यम

श्री अन्न और धान उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन कराएं किसान

सेवा-संकल्प अभियान से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आह्वान

01 अक्टूबर2026, भोपाल: किसान चौपाल बनें किसानों से संवाद का प्रभावी माध्यम – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिलेट स्टेट बनाने में अनूपपुर जिले के किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है। अनूपपुर जल संपदा से समृद्ध जिला है और यहां केवई उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा तकनीक और नवाचार को खेती से जोड़ने के साथ 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात मुख्यमंत्री निवास से ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत अनूपपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को वर्चुअली संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान जिले के किसानों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा-संकल्प अभियान के तहत किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, गरीबों, महिलाओं और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।किसान चौपाल के माध्यम से हो संवाद

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांव-गांव किसान चौपाल आयोजित कर किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी जाए। चौपाल केवल योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों की स्थानीय समस्याओं को सुनने और उनके समाधान का माध्यम भी बनें। उन्होंने कहा कि किसानों से नियमित संवाद के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी समय पर प्राप्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ज्वार और बाजरा जैसे श्रीअन्न के साथ धान उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने किसानों से समय रहते पंजीयन कराने का आग्रह किया, ताकि उपार्जन के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

नई फसलों और तकनीक को अपनाने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनूपपुर में धान, गेहूं, दलहन और तिलहन के साथ किसान नई तकनीकों और नई फसलों को भी अपना रहे हैं। जिले में मशरूम और स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों की खेती भी की जा रही है। उन्होंने किसानों को कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि का भविष्य उज्ज्वल है और किसानों को अपने बच्चों को कृषि आधारित उद्योगों से जोड़ने की दिशा में भी विचार करना चाहिए।

ग्रामीणों को सुगम परिवहन और नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शुरू की गई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का लाभ दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नि:शुल्क रजिस्ट्री की व्यवस्था भी राज्य सरकार ने शुरू की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रगतिशील किसानों से किया वर्चुअल संवाद

बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने अनूपपुर जिले के प्रगतिशील किसानों से वर्चुअल संवाद किया। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। पुष्पराजगढ़ के किसान रमेश सिंह और अरुण कुमार चन्द्रवंशी ने आधुनिक कृषि यंत्रों तथा सिंचाई सुविधाओं से मिल रहे लाभ के बारे में बताया। प्रेमलाल केवट ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती की जानकारी दी, जबकि राम भजन ने फसल प्रदर्शन और किसान खेत पाठशाला से संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा की। पशुपालक माधव सिंह राठौर ने उन्नत पशुपालन और कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से दुग्ध उत्पादन में हुई वृद्धि के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

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