जबलपुर: महिला किसान शीला कुशवाह जैविक सब्जियों से कमा रही हर महीने 20 हजार रुपये
20 अक्टूबर 2026, जबलपुर: जबलपुर: महिला किसान शीला कुशवाह जैविक सब्जियों से कमा रही हर महीने 20 हजार रुपये – प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में भी अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं। इसका उदाहरण मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के मझौली विकासखंड के परसला गांव की शीला कुशवाह हैं। वे अपनी तीन एकड़ जमीन पर प्राकृतिक और जैविक तरीके से सब्जियों की खेती कर रही हैं। इससे उन्हें हर महीने करीब 20 हजार रुपए की आमदनी हो रही है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों के स्थान पर जैविक खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करने से उनकी खेती की लागत भी कम हुई है।
शीला कुशवाह सब्जियों की खेती में गोबर खाद का उपयोग करती हैं। वे गोबर को सुखाकर और छानकर खेतों में डालती हैं। वहीं, फसलों को कीटों से बचाने के लिए नीम की पत्तियों, गोबर और गौमूत्र से नीमास्त्र तैयार करती हैं। इससे उन्हें बाजार से महंगी रासायनिक दवाइयां खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती।
खुद हाट बाजार में बेचती हैं सब्जियां
शीला केवल सब्जियां उगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें सीधे ग्राहकों तक भी पहुंचाती हैं। वे रविवार को जबलपुर क़ृषि मंडी हाट बाजार, सोमवार को कटंगी और गुरुवार को मझौली में दुकान लगाकर सब्जियां बेचती हैं। इसके अलावा वे महाकौशल ललित कला महाविद्यालय के पास लगने वाले जैविक हाट में भी सब्जियां लेकर पहुंचती हैं। सीधे बिक्री करने से उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
लागत घटी, उपज के बेहतर दाम मिले
शीला कुशवाह के मुताबिक, प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी आमदनी और मुनाफे में काफी बदलाव आया है। बाजार में सामान्य तरीके से बेची जाने वाली जो सब्जी करीब 20 रुपए में बिकती है, वही उनकी जैविक सब्जी 35 से 40 रुपए तक में बिक जाती है। इस तरह उन्हें बेहतर दाम मिलते हैं। रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर खर्च नहीं होने से खेती की लागत भी कम हुई है। शीला की यह पहल बताती है कि प्राकृतिक खेती और सीधे बाजार में बिक्री के जरिए किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ खेती को अधिक किफायती बना सकते हैं।
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