राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस–2026 का आयोजन

09 मार्च 2026, भोपाल: कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस–2026 का आयोजन – महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने तथा कृषि और समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस–2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन “दान करके लाभ प्राप्त करें” थीम के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य ज्ञान-साझेदारी, क्षमता विकास और संस्थागत सहयोग के माध्यम से महिला कृषकों को सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि महिला किसानों का सशक्तिकरण सतत कृषि विकास और पोषण सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर आय संवर्धन और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दिया जा सकता है, जिससे महिला किसानों की आजीविका सुदृढ़ होगी और उनके परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होगा। उन्होंने अन्नदान, विद्यादान, औषधि दान और अभयदान जैसे चार प्रकार के दानों के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए समाज में सहयोग और संवेदना की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने महिला दिवस के महत्व और कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. धीरज कुमार सिंह ने महिला कृषकों के उत्थान में संस्थान की भूमिका और कौशल विकास, कृषि प्रौद्योगिकी प्रसार तथा आजीविका उन्नयन से जुड़ी विभिन्न पहलों की जानकारी दी।

तकनीकी सत्र में वैज्ञानिक डॉ. कुमारी शुभा ने “होमस्टेड फार्मिंग एवं पोषण वाटिका” के माध्यम से परिवार के पोषण स्तर में सुधार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जबकि वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनी कुमारी ने पशुपालन आधारित उद्यमों को ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिर्बन मुखर्जी द्वारा संचालित तकनीकी सत्र में महिला कृषकों ने कृषि कार्यों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं और संभावित समाधानों पर चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान महिला कृषकों को कृषि इनपुट और वेलनेस किट वितरित की गईं, जिनमें ग्रीष्मकालीन सब्जियों के बीज, स्वच्छता सामग्री और प्राथमिक स्वास्थ्य से संबंधित वस्तुएँ शामिल थीं। महिला कृषकों ने लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण सहभागिता भी की।

कार्यक्रम में कुल 208 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें बिहार और झारखंड से आई 140 महिला कृषक शामिल थीं। संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने अपने संदेश में कहा कि “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य की प्राप्ति में महिला कृषकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रचना दूबे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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