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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्व अधिकारियों द्वारा फसलों का गिरदावरी का निरीक्षण

04 फ़रवरी 2025, सागर: राजस्व अधिकारियों द्वारा फसलों का गिरदावरी का निरीक्षण – किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को गिरदावरी सत्यापन और निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर के निर्देश के बाद राजस्व अधिकारियों द्वारा जिले के ग्रामों में जाकर  किसानों  की फसलों का गिरदावरी का निरीक्षण किया जा रहा है एवं  किसानों  से चर्चा भी मौके पर कर रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट श्रीमती जूही गर्ग के द्वारा जैसीनगर एवं राहतगढ, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती आरती यादव के द्वारा केसली एवं देवरी, डिप्टी कलेक्टर श्री विजय डेहरिया के द्वारा माल्थोन, बांदरी एवं डिप्टी कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर सिंह ठाकुर के द्वारा बंडा, शाहगढ़, सहित अन्य सभी एसडीएम के द्वारा अपने-अपने क्षेत्र के किसान भाइयों की फसलों की गिरदावरी की जा रही है।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने बताया कि गिरदावरी होने से  किसानों को उपार्जन के समय किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और तत्काल उनकी फसल का उपार्जन हो सकेगा। कलेक्टर ने बताया कि मध्यप्रदेश भू अभिलेख नियमावली के अनुसार फसल गिरदावरी का कार्य वर्ष में तीन बार खरीफ, रबी एवं जायद में सारा एप के माध्यम से किया जाता है। जिसका उपयोग उपार्जन, फसल बीमा आदि योजनाओं में सतत रूप से होता है। उन्होंने बताया कि फसल गिरदावरी कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल क्रॉफ्ट सर्वे का कार्य भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया है ,जो प्रत्येक मौसम हेतु लगभग 45 दिवस की कार्य अवधि में होता है। जिसमें जियो फैंस पार्सल लेवल तकनीक के माध्यम से खेत में बोई गई फसल का फोटो खींचकर फसल सर्वेक्षण का कार्य नित अंतराल में पूर्ण किया जाता है।

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कलेक्टर ने बताया कि एमपी किसान एप के माध्यम से डिजिटल क्रॉफ्ट सर्वे किया जाता है जिसमें एमपी किसान एप प्ले स्टोर में से डाउनलोड करने के उपरांत मोबाइल ओटीपी के माध्यम से लॉगिन किया जा सकता है इसी प्रकार एमपी किसान एप के माध्यम से फसल स्व-घोषणा की जानकारी जिओ फैंस तकनीक के माध्यम से फसल का फोटो खींचकर दर्ज की जा सकेगी एवं पूर्व से दर्ज फसल के विरुद्ध दावा आपत्ति की जानकारी भी एमपी किसान एप के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी।

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