पानी की बचत से बढ़ा मुनाफा! स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक से किसान की आय में 20-30% का इजाफा
14 मई 2026, भोपाल: पानी की बचत से बढ़ा मुनाफा! स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक से किसान की आय में 20-30% का इजाफा – मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के ग्राम सिनोनिया पश्चिमी के रहने वाले किसान बालाराम कुशवाहा पारंपरिक खेती पर निर्भर थे। उनके पास उपजाऊ भूमि तो थी, लेकिन सिंचाई के लिए जल संसाधनों की कमी और जल वितरण की पुरानी तकनीकें उनकी प्रगति में बाधक बनी हुई थीं। ‘नाली’ बनाकर सिंचाई करने की पारंपरिक पद्धति से न केवल पानी की बर्बादी होती थी, बल्कि ऊबड़-खाबड़ जमीन के हर हिस्से तक पानी पहुँचाना भी एक बड़ी चुनौती थी।
बालाराम जी के जीवन में यह सकारात्मक बदलाव कलेक्टर के निर्देशन में कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कुलदीप कौशिक और कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती रजनी अहिरवार—के माध्यम से आया। अधिकारियों ने उन्हें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लाभों से अवगत कराया और आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया।
55% अनुदान पर मिला स्प्रिंकलर सेट
योजना के अंतर्गत बालाराम जी को 45 से 55% अनुदान पर स्प्रिंकलर सेट उपलब्ध कराया गया। कृषि विभाग द्वारा उन्हें 13,500 रुपये की अनुदान राशि सीधे प्रदान की गई, जिससे आधुनिक यंत्र खरीदना उनके लिए सुलभ हुआ। स्प्रिंकलर सेट लगने के बाद पानी की खपत में 50% की भारी कमी आई। जहाँ पहले घंटों समय लगता था, अब बहुत कम पानी में पूरे खेत की प्रभावी सिंचाई होने लगी।
दूरदर्शी परिणाम: खुशहाली की नई फसल
प्रशासनिक सहयोग और सरकारी योजना के सही क्रियान्वयन से बालाराम जी के खेत में ‘चमत्कारिक’ बदलाव आए, फुवारा सिंचाई से पौधों पर धूल नहीं जमती और कीटों का प्रकोप कम हुआ, जिससे फसल की गुणवत्ता सुधरी और पैदावार में 20-30% की वृद्धि दर्ज की गई।अब उन्हें पानी चलाने के लिए रात भर जागने की आवश्यकता नहीं पड़ती; केवल एक बटन दबाते ही सिंचाई सुचारू रूप से शुरू हो जाती है।
आधुनिक तकनीक की मदद से अब खेत के उन ऊंचे हिस्सों में भी सिंचाई संभव हो गई है जहाँ पहले पानी नहीं पहुँच पाता था।
प्रेरणापुंज बने बालाराम आज बालाराम कुशवाहा न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि वे अपने क्षेत्र के अन्य कृषकों के लिए एक प्रेरणापुंज (Role Model) बन गए हैं। प्रशासन के उचित मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर ‘आत्मनिर्भर’ बन सकते हैं।
किसान ने बताया कि, “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ने मेरी खेती को नई दिशा दी है। यह तकनीक न केवल पानी बचाती है, बल्कि समय और मेहनत की बचत कर मुनाफे को भी बढ़ाती है।”
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

