हरियाणा में जलभराव और सेम से प्रभावित जमीन को सुधारकर कृषि योग्य बनाया जाएगा – कृषि मंत्री जेपी दलाल

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13 जून 2022, चण्डीगढ । हरियाणा में जलभराव और सेम से प्रभावित जमीन को सुधारकर कृषि योग्य बनाया जाएगा – कृषि मंत्री जेपी दलाल हरियाणा के कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री जे पी दलाल ने कहा कि प्रदेश की जलभराव या सेम से प्रभावित भूमि को कृषि योग्य बनाकर किसानों को खुशहाल किया जाएगा। सौर ऊर्जा पर आधारित वर्टिकल जल निकासी प्रणाली को जलभराव वाले क्षेत्रों में लागू किया जाएगा, जिससे बारिश और सेम का पानी निकालकर नजदीकी ड्रेन में डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, किसान के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री दलाल भिवानी में अपने पैतृक गांव घुसकानी में करीब एक करोड़ दस लाख रुपए की लागत से बनी सौर ऊर्जा पर आधारित वर्टिकल जल निकासी प्रणाली योजना का शुभारंभ करने के दौरान ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश की एक लाख सेमग्रस्त व जलभराव की जमीन को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी शुरुआत गांव घुसकानी से की गई है। धीरे-धीरे इस क्षेत्र के सभी जलभराव या सेमग्रस्त प्रभावित गांवों में इस योजना को लागू किया जाएगा ताकि जलभराव से किसान को किसी प्रकार का नुकसान न हो और वहां पर पानी की निकासी करके खेती की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब दस लाख एकड़ भूमि ऐसी है, जो जलभराव और सेम से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जिला भिवानी में करीब सवा लाख एकड़ भूमि जलभराव और सेमग्रस्त है, जिसमें मुख्यरूप से मिताथल, गुजरानी, जाटू लोहारी, मंढाणा, मुंढाल, तिगड़ाना, तालू, धनाना, चांग व आसपास के गांव शामिल हैं। इन गांवों में पाईप लाईन डालकर व पंपसेट लगाकर खेतों का पानी नजदीकी ड्रेन में डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना सौर ऊर्जा पर आधारित है, जिससे बिजली का कोई खर्च नहीं आएगा।

श्री दलाल ने कहा कि किसानों की खुशहाली के लिए नहरों व माईनरों की सफाई करवाई जा रही है ताकि टेल तक नहरी पानी पहुंचे और किसान खुशहाल हो। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे मोटे अनाज की खेती को छोडक़र मछली पालन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी, मशरूम, नेट हाऊस, पॉलीहॉउस और फूड प्रोसेसिंग को अपनाएं ताकि उनकी आय बढ़े और युवाओं को नया रोजगार मिले।

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