राज्य कृषि समाचार (State News)

खरीफ उपार्जन प्रक्रिया में सुधार: प्रमुख सचिव और आयुक्त भी करेंगे औचक निरीक्षण

25 नवंबर 2024, भोपाल: खरीफ उपार्जन प्रक्रिया में सुधार: प्रमुख सचिव और आयुक्त भी करेंगे औचक निरीक्षण – खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की मिलिंग नीति की समीक्षा करते हुए मध्यप्रदेश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन में गड़बड़ी रोकने के लिए विभाग के प्रमुख सचिव और आयुक्त औचक निरीक्षण करें। साथ ही, निगरानी के लिए उड़नदस्तों का गठन किया जाएगा।

मंत्री श्री राजपूत ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि उपार्जन कार्य में लगे सर्वेयरों पर सतत निगरानी रखी जाए ताकि प्रक्रिया में कोई चूक न हो।

मशीनों से अनाज की सफाई: मंडला में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

खाद्य मंत्री ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम को उच्च गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराने के लिए अनाज की सफाई अब मशीनों से की जाएगी। इस प्रक्रिया की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मंडला जिले से होगी और बाद में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित नई मिलिंग नीति 2024-25 के तहत चावल की सूचना मिलने के 20 दिन के भीतर मानक गुणवत्ता का चावल जमा करना अनिवार्य होगा। देरी की स्थिति में मिलर्स पर ₹2 प्रति दिन प्रति क्विंटल का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि एक महीने के भीतर चावल जमा नहीं किया गया, तो मिलर्स की जमा प्रतिभूति राशि जब्त कर ली जाएगी।

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गुणवत्ता पर जोरप्रोत्साहन राशि का प्रावधान

नई नीति में यह भी तय किया गया है कि यदि मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम को 60% से कम चावल उपलब्ध कराया गया, तो उन्हें प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाएगी।

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इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य श्री सिबि चक्रवर्ती, और नागरिक आपूर्ति निगम के एमडी श्री पी.एन. यादव सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

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