राज्य कृषि समाचार (State News)

IMD Bhopal Alert: मध्य प्रदेश में तेज गर्मी का कहर, खजुराहो में 43°C पहुंचा पारा; IMD ने जारी किया अलर्ट

21 अप्रैल 2026, भोपाल: IMD Bhopal Alert: मध्य प्रदेश में तेज गर्मी का कहर, खजुराहो में 43°C पहुंचा पारा; IMD ने जारी किया अलर्ट – मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। IMD भोपाल के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव और तेज हवाओं का असर साफ देखने को मिला। कुछ इलाकों में गर्म रात (Warm Night) की स्थिति भी दर्ज की गई, खासकर उमरिया जिले में।  

तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.0°C खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर (42.5°C), दतिया (42.3°C), रतलाम और सीधी (42.2°C) जैसे जिलों में भी भीषण गर्मी रही। दूसरी ओर, सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.5°C करौंदी (कटनी) में रिकॉर्ड किया गया। IMD के अनुसार जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग में दिन के तापमान में 2–3°C तक गिरावट आई है, जबकि कई अन्य संभागों में तापमान सामान्य या सामान्य से अधिक बना हुआ है।

प्रदेश में 5 सबसे गर्म और ठंडे जिलें

सबसे अधिक गर्म जिलों में खजुराहो (43.0°C), ग्वालियर (42.5°C), दतिया (42.3°C), रतलाम/सीधी (42.2°C) और रीवा/श्योपुर/सतना (42.0°C) शामिल रहे।

वहीं सबसे ठंडे जिलों में करौंदी (कटनी) 16.5°C, पचमढ़ी (16.6°C), मंदसौर (18.4°C), चित्रकूट (18.7°C) और कल्याणपुर (19.5°C) दर्ज किए गए।

मौसम प्रणाली (Synoptic Situation)

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर 0.9 किमी ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही एक ट्रफ रेखा इस सिस्टम से लेकर दक्षिण भारत के कोमोरिन क्षेत्र तक फैली हुई है। वहीं एक अन्य ट्रफ पूर्वी बिहार से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक विस्तृत है। मध्य भारत के ऊपर ऊपरी स्तर पर तेज उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम (लगभग 176 किमी/घंटा) भी सक्रिय है। इसके अलावा 23 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम में और बदलाव संभव है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आंधी-तूफान के दौरान खेतों में काम रोकने को कहा गया है। मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है, खासकर सुबह या शाम के समय। तेज गर्मी में उर्वरक और कीटनाशकों का उपयोग न करने की भी हिदायत दी गई है।

फसलों को समय पर काटने और कीटों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे पशुओं को छायादार स्थान पर रखें, पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं और दोपहर की तेज गर्मी में चराई से बचें। गर्मी से राहत के लिए पानी का छिड़काव या अन्य ठंडक उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई है।

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