राज्य कृषि समाचार (State News)

मूंग की फसल यदि है तो यूरिया का प्रयोग कैसे और कब किया जाए

26 जुलाई 2025, भोपाल: मूंग की फसल यदि है तो यूरिया का प्रयोग कैसे और कब किया जाए – किसानों द्वारा मूंग की फसल में यूरिया का प्रयोग किया जाता है लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह बताया है कि वे यूरिया का प्रयोग कैसे और किस तरह से करें ताकि फसल उत्पादन में किसानों को किसी तरह से परेशानी न हो।

वैज्ञानिकों ने बताया है कि  मूंग की फसल  में यूरिया का प्रयोग केवल बुवाई पूर्व ही करना उचित है। आप 15 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से डाल सकते हैं। यदि आपने एसएसपी डाला है, तो यूरिया की आवश्यकता नहीं है। मूंग के पौधे को 20 दिन की अवस्था तक नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है, जो बुवाई के साथ डाली गई यूरिया से मिल जाती है। उसके बाद, पौधे की जड़ों में गांठें बनना शुरू हो जाती हैं, जिनमें राइजोबियम जीवाणु होता है, जो पौधे को नाइट्रोजन स्वत उपलब्ध कराता रहता है। इसलिए, मूंग की फसल या कोई भी दलहनी फसल में यूरिया ऊपर से डालना उचित नहीं है। यदि मूंग की फसल में पीलापन दिखे, तो इसकी वजह नाइट्रोजन की कमी से नहीं, बल्कि फंगस जनित बीमारी या रस चूसक कीटों का प्रकोप हो सकता है। इसलिए, समय पर नियंत्रण जरूरी है।  मूंग की फसल में यूरिया का प्रयोग एक महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर किसानों को ध्यान देना चाहिए। कई किसान मूंग की फसल में पीलापन देखकर यूरिया का छिड़काव कर देते हैं, जो कि सही नहीं है।

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