लॉक डाऊन ने किया सब्जी- फल उत्पादकों का लाखों का नुकसान

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लॉक डाऊन ने किया सब्जी- फल उत्पादकों का लाखों का नुकसान
पशुओं को खिला रहे सब्जी और फल

लॉक डाऊन ने किया सब्जी- फल उत्पादकों का लाखों का नुकसान

इंदौर( कृषक जगत) : कोरोना वायरस के कारण प्रदेश में जारी लॉक डाऊन ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है।बन्द मंडियां, मजदूरों का अभाव और परिवहन प्रतिबंधित होने से क्षेत्र के किसानों की सब्जी-फल की फसल का कोई लेवाल नहीं होने से खेतों में ही नष्ट हो रही है, जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। विरोधाभासी स्थिति यह है कि जहां एक ओर गांवों में सब्जियां पशुओं को खिलाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में लोग सब्जी को तरस रहे हैं। इंदौर- उज्जैन संभाग के चुनिंदा किसानों ने अपनी पीड़ा कृषक जगत से साझा की।
रोहनकलां(उज्जैन) के किसान श्री दशरथ पांचाल ने 4 बीघा में पत्ता गोभी, भिंडी, बैंगन आदि लगाई थी। तैयार फसल को बेचने की तैयारी थी, लेकिन लॉक डाऊन के कारण नागदा मंडी बन्द है।सब्जियां खेत में ही खराब हो रही है। लागत भी नहीं निकल पा रही है। यहीं के अन्य किसान श्री धारा सिंह राठौर की भी दो बीघे में लगी सब्जियां नहीं बिक पाई इससे हजारों का नुकसान हो गया। जलोदिया जागीर के श्री बंसीलाल पाटीदार भी मंडी बन्द होने से डेढ़ बीघे में लगी गिलकी,भिंडी, धनिया नहीं बेच पा रहे हैं।गांव के लोगों को मुफ्त सब्जी देने के बाद बची सब्जियां पशुओं को खिला रहे हैं।

धार जिले की मनावर तहसील के नर्मदा क्षेत्र के ग्राम पिपलाज के श्री योगेंद्र सिंह तोमर ने रबी फसल की कटाई में मजदूरों के संकट का जिक्र कर कहा कि उनके काका श्री राजेन्द्र सिंह ने एक हेक्टर में तरबूज के साथ सब्जियां लगाई थी,जबकि दूसरे काका श्री गजेन्द्रसिंह ने खरबूज लगाए थे।लॉक डाऊन के चलते मजदूर नहीं मिलने से तुड़ाई नहीं हो सकी,जबकि उद्यानिकी फसलों को निश्चित समय पर तोड़ना जरूरी होता है। तुड़ाई नहीं होने से तरबूज- खरबूज खेत में ही सड़ गए,जिससे दोनों को 3 से 4 लाख का नुकसान हो गया। यही हाल यहीं के श्री अरविंद काग का भी रहा। 4 बीघे में लगाए तरबूज खेत में ही सड़ गए।पशुओं को खिलाना पड़ा। श्री महेंद्र टीकम जी को 5 बीघा में लगे बैंगन फेंकने पड़े।जिससे उन्हें डेढ़ लाख का नुकसान हुआ।श्री चन्दन लुणा जी की एक हेक्टर में लगी दो लाख की भिंडी लॉक डाऊन की भेंट चढ़ गई।बड़वानी जिले के किसान श्री दीपक पंचोली टमाटर की फसल गाय-भैंसों को खिला रहे हैं।

इधर,इंदौर जिले के किसानों के हालात भी ज़ुदा नहीं हैं। बेगमखेड़ी के किसान श्री राकेश पटेल ने दो हेक्टेयर में पॉली हाउस में खीरा लगाया।बीज के 72 हजार के अलावा दवाई आदि पर 40 हज़ार खर्च हुए,लेकिन लॉक डाऊन के चलते फसल नहीं बेच पा रहे ।लागत तो निकली नहीं,उल्टा नुकसान हो गया। गाँव में मुफ्त खीरा बांटने के बाद बची खीरा ककड़ी चिड़ियाघर में दे आए। कम्पेल पिवडाय के श्री मधुसूदन का डेढ़ बीघा में लगा धनिया मंडी बन्द होने से खेत में ही खराब हो गया।

मालवा-निमाड़ अंचल के फल-सब्जी उत्पादकों को लॉक डाऊन के चलते हुए लाखों का हुआ नुकसान सरकारी व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर रहा है।

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