Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन में कैसे काम करता है महावीरा ज़िरोन

09 जून 2023, इंदौर: सोयाबीन में कैसे काम करता है महावीरा ज़िरोन – आर एम फॉस्फेट्स एण्ड केमिकल्स प्रा. लि.के उत्पाद महावीरा ज़िरोन में उपलब्ध पांच पोषक तत्व फॉस्फोरस, बोरोन, ज़िंक, सल्फर और कैल्शियम सोयाबीन फसल को अलग-अलग तरीकों से पोषण प्रदान करता है। जिससे न केवल फसल स्वस्थ रहती है, बल्कि उत्पादन भी बेहतर मिलता है।

पांच का दम -फसल तंदुरुस्त हर दम : आर एम फॉस्फेट्स एण्ड केमिकल्स प्रा. लि.के हेड एग्रोनॉमिस्ट श्री प्रमोद पांडेय ने बताया कि  महावीरा ज़िरोन पांच पोषक तत्वों का ऐसा मिश्रण है, जो सोयाबीन फसल को स्वस्थ तो रखता ही है ,पैदावार बढ़ाने में भी मदद करता है। आइये जानते हैं सोयाबीन फसल पर ये पोषक तत्व कैसे काम करते हैं।

फॉस्फोरस – यह सोयाबीन पौधे की जड़ों को मोटी और तंदुरुस्त बनाता है, जिसके कारण फली में दाने अच्छे और ज़्यादा भरते हैं और उनके गुणों में भी वृद्धि होती है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

बोरोन –  बोरोन एक ऐसा पोषक तव है, जो सोयाबीन फसल में फूलों को गिरने से रोकता है और फूलों को अधिक से अधिक मात्रा में फली में परिवर्तित करता है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

ज़िंक –  ज़िंक सोयाबीन फसल में नाइट्रोज़न का उपयोग बढ़ाता है, जो कि प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है। इसके कारण सोयाबीन का पौधा स्वस्थ रहता है।

सल्फर – सल्फर , सोयाबीन फसल में अधिक से अधिक तैलीय निर्माण में मदद करता है। चूँकि सोयाबीन एक तिलहन फसल है, इसलिए इसमें तेल की मात्रा अधिक होना आवश्यक है, जिसकी पूर्ति सल्फर के माध्यम से पूरी हो जाती है।

कैल्शियम – कैल्शियम सोयाबीन के दानों में चमक और त्वचा को सख्त बनाता है , जिसके कारण दानों की भंडरान क्षमता में भी वृद्धि होती है।

अनुशंसित मात्रा – महावीरा ज़िरोन बुवाई के समय 150  किलो ,एमओपी 26  किलो, सिमट्रॉन 4  किलो और मेग्नेशियम सल्फेट 25  किलो /एकड़ की दर से  बेसल डोज़ के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। इसके बाद फसल  को 25 -30 दिन यूरिया 12 / एकड़ तथा फसल के 40 -50 दिन बाद एमिट्रोन -एल 500 मि ली /लीटर और  बोरोन 250 ग्राम /एकड़ की मात्रा अनुशंसित की गई है।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )