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राज्य कृषि समाचार (State News)

हिन्दी पखवाड़ा का समापन एवं पुरस्कार वितरण संपन्न

01 अक्टूबर 2022, इंदौर: हिन्दी पखवाड़ा का समापन एवं पुरस्कार वितरण संपन्न – खरपतवार अनुसंधान निदेशालय ,जबलपुर में 14 से 29 सितम्बर तक आयोजित हिन्दी पखवाड़ाका समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसके मुख्य अतिथि डॉ. एस.पी. तिवारी, कुलपति, नानाजी देशमुख पशु विज्ञान वि.वि.जबलपुर थे । इस दौरान प्रतियोगिता के विजेताओं और वर्ष में अधिक हिंदी लिखने वालों को पुरस्कृत किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. एस.पी. तिवारी ने कहा कि संसार का कोई भी देश अपनी भाषा की अवहेलना करके प्रगति नही कर सकता। भाषा में अद्भुत शक्ति होती है। यह हमें एक दूसरे से जोड़ती है। भाषा केवल भाषा नहीं होती वह समाज, संस्कृति, इतिहास ,राष्ट्र की अस्मिता और उसके भावी लक्ष्यों की अभिव्यक्ति का माध्यम भी होती है। आपने अनुसंधान संस्थान के  वैज्ञानिक व अधिकारी द्वारा हिन्दी में कार्य  या हिन्दी को बढ़ावा देने में रूचि लेने को सराहनीय बताया ।निदेशक डॉ.जे.एस.मिश्र ने कहा कि हिंदी सभी भाषाओं की सहोदरा है।  इसमें सभी भाषाओं को समाहित करने की अपार शक्ति निहित है। हिंदी भाषा में ऊंच-नीच का भाव नहीं है। हिंदी बोलते समय गर्व महसूस करना चाहिए। आज हिंदी विश्व के हर कोने में बोली और सीखी जाने लगी है। देश -विदेश के लोग भी हिंदी सीखने भारत के संस्थानों में आते हैं।

उल्लेखनीय है कि हिन्दी पखवाड़े के दौरान निदेशालय  में सात प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें आलेखन एवं टिप्पण, तात्कालिक निबंध लेखन , हिन्दी शुद्धलेखन, कम्प्यूटर में यूनिकोड पर टाइपिंग , आषुभाषण (तात्कालिक भाषण), क्विज कांटेस्ट एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं शामिल हैं। प्रोत्साहन योजना के तहत निदेशालय  के वर्ष भर में 20,000 शब्दों से अधिक हिन्दी लिखने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को वरीयता क्रम के आधार पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार नगद एवं प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार निदेशक एवं अतिथियों के द्वारा  प्रदान किये गये।इस मौके पर  निदेशालय द्वारा प्रकाशित  पत्रिका ‘तृण संदेश ‘ ’वार्षिक रिपोर्ट ‘ एवं ‘ निदेशालय की महत्वपूर्ण उपलब्धियां ‘ का विमोचन भी किया गया।  कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यान्वयनसमिति एवं विभिन्न समितियों के सदस्यों का विशेष  योगदान रहा।अतिथि स्वागत एवं कार्यक्रम का संचालन राजभाषा कार्यान्वयन समिति के प्रभारी श्री बसंत मिश्रा ने किया एवं आभार डॉ. वी.के. चौधरी ने माना।  

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