राज्य कृषि समाचार (State News)

हिमाचल प्रदेश: कीवी से कमाए 25 लाख, सिरमौर के 2 बागवान बने लखपति

27 सितम्बर 2024, सिरमौर: हिमाचल प्रदेश: कीवी से कमाए 25 लाख, सिरमौर के 2 बागवान बने लखपति – हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के दो बागवानों ने कीवी की खेती से 25 लाख रुपये की आमदनी कर लखपति बनने की सफलता हासिल की है। विजेन्द्र सिंह ठाकुर और नरेन्द्र पंवार ने कीवी उत्पादन से न केवल अपने जीवन को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गए हैं। इनकी सफलता से बागवानी क्षेत्र में एक नया रास्ता खुला है।

विजेन्द्र सिंह ठाकुर, जो सिरमौर की नारग तहसील के गांव थलेडी के रहने वाले हैं, ने 1990 में कीवी के 100 पौधे लगाए थे। अब उनके बगीचे में 150 कीवी के फलदार पौधे हैं, जिनसे इस साल 50 क्विंटल कीवी का उत्पादन हुआ, जिससे उन्हें 10 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कीवी प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें 1.60 लाख रुपये का अनुदान भी मिला है।

इसी गांव के नरेन्द्र पंवार ने 1993 में नौणी विश्वविद्यालय से कीवी की खेती की तकनीक सीखी और 150 पौधे लगाए। अब उनके बगीचे में 300 कीवी के फलदार पौधे हैं, जिनसे उन्होंने इस साल 90 क्विंटल कीवी का उत्पादन कर 15 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की है।

उद्यान विकास अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि पच्छाद क्षेत्र की जलवायु कीवी उत्पादन के लिए आदर्श है। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कीवी प्रोत्साहन योजना से इस क्षेत्र के किसान लाभान्वित हो रहे हैं, और यहां 16 हेक्टेयर भूमि पर कीवी के पौधे लगाए गए हैं, जिससे 133 मीट्रिक टन कीवी का उत्पादन हो रहा है।

Advertisement
Advertisement

कीवी न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी होते हैं, जो शरीर में खून की कमी और प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement