मध्यप्रदेश में बढ़ी गर्मी की तपिश, रतलाम में 45°C तक पहुंचा पारा; IMD ने इंदौर समेत इन 6 जिलों में जारी किया लू का अलर्ट
12 मई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में बढ़ी गर्मी की तपिश, रतलाम में 45°C तक पहुंचा पारा; IMD ने इंदौर समेत इन 6 जिलों में जारी किया लू का अलर्ट – भारतीय मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक मध्यप्रदेश में गर्मी लगातार तीखे तेवर दिखा रही है। मंगलवार 12 मई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा, जबकि पश्चिमी हिस्सों में लू का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार धार और रतलाम जिलों में हीट वेव यानी लू की स्थिति दर्ज की गई। आने वाले दिनों में प्रदेश में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं हुआ, लेकिन कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं तालुन (बड़वानी) में 44.2 डिग्री, धार में 44 डिग्री, इंदौर में 43.2 डिग्री और उज्जैन में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। दूसरी ओर हिल स्टेशन और वन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत राहत रही।
मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा रही गर्मी
प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी मालवा-निमाड़ क्षेत्र में देखने को मिली। रतलाम 45 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। इसके अलावा तालुन (बड़वानी), धार, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश में गर्म और शुष्क हवाओं के कारण लू का असर बढ़ा है।
वहीं दूसरी तरफ पचमढ़ी, अमरकंटक और शहडोल जैसे पहाड़ी और वन क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। करौंदी (कटनी), अमरकंटक और कल्याणपुर (शहडोल) में भी रात का तापमान सामान्य से कम रिकॉर्ड किया गया।
सिनोप्टिक मौसम परिस्थिति: कई सिस्टम सक्रिय
IMD भोपाल के अनुसार प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में इस समय कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़, झारखंड और गांगीय पश्चिम बंगाल होते हुए मणिपुर तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है।
इन जिलों में लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में ऊष्ण लहर यानी लू को लेकर चेतावनी जारी की है। अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम और उज्जैन जिलों में कहीं-कहीं लू चलने की संभावना जताई गई है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बढ़ती गर्मी को देखते हुए खेतों में नमी बनाए रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि फसलों में हल्की लेकिन बार-बार सिंचाई करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। सुबह या शाम के समय सिंचाई करने से पानी की बचत होगी और मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहेगी।
कृषकों को मल्चिंग तकनीक अपनाने और तेज गर्मी के दौरान उर्वरक तथा कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है। फसलों में चूसक कीटों की नियमित निगरानी करने और समय पर नियंत्रण उपाय अपनाने को भी कहा गया है।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को छायादार और हवादार स्थान पर रखें। दिन में 3 से 4 बार साफ पीने का पानी उपलब्ध कराएं और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच चराई से बचाएं। पशुओं के आहार में खनिज मिश्रण और नमक शामिल करने की सलाह भी दी गई है ताकि गर्मी के तनाव को कम किया जा सके।
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