हरदा बन सकता है मध्य प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला: मुख्यमंत्री मोहन यादव
12 दिसंबर 2025, हरदा: हरदा बन सकता है मध्य प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला: मुख्यमंत्री मोहन यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश जल्द ही इतिहास रचने वाला है। हरदा जिला प्रदेश का पहला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। जिले में चल रही शहीद ईलाप सिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की लागत करीब 756.76 करोड़ रुपये है और इससे हरदा जिले के 39,976 हेक्टेयर कृषि भूमि में स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। बीते 16 महीनों में परियोजना का 42 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इससे तवा सिंचाई परियोजना के अंतिम छोर तक रबी फसल के लिए पानी पहुंचेगा और पहले सिंचाई सुविधा से वंचित किसानों को लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े सिंचाई तथा जल संरक्षण परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाएं समय-सीमा में पूरी हों, और किसी भी स्थिति में देरी न हो। इसके साथ ही नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी द्वारा पूर्ण कराई जा रही परियोजनाओं के लिए आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु एशियन और इंटरनेशनल संस्थाओं से समन्वय बढ़ाने को कहा गया।
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने जानकारी दी कि पिछले 2 वर्षों में हरदा, बड़वानी और धार जिलों में करीब 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिसमें 6,640 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इससे लगभग 600 गांवों के किसान लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा स्लीमनाबाद टनल, नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर उद्वहन परियोजना, आईएसपी-कालीसिंध उद्वहन परियोजना, डही उद्वहन परियोजना सहित कई प्रमुख माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं का काम तेजी से चल रहा है और शेष कार्य अगले 6-12 महीनों में पूरा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में जल संरचनाओं का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा होना चाहिए, और पड़ोसी राज्यों के साथ संयुक्त नदी लिंक परियोजनाओं पर सक्रियता से कार्य किया जाए। उज्जैन में गौशाला, घाट और धर्मशालाओं के निर्माण में धार्मिक और परमार्थिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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