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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश में फसल विविधीकरण के लिए सरकार देगी प्रोत्साहन

10 मई 2022, भोपाल । मध्य प्रदेश में फसल विविधीकरण के लिए सरकार देगी प्रोत्साहन – मध्य प्रदेश में गेहूं-धान के बढ़ते रकबे और उत्पादन में अत्यधिक बढ़ौत्री के कारण अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हंै। रसायनिक आदान के अंधाधुंध उपयोग से बिगड़ता पर्यावरण समर्थन मूल्य पर खरीदी के कारण सरकार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ, ऐसे अनेक कारणों से निबटने के लिए म.प्र. कृषि विभाग ने फसल विविधीकरण हेतु प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है।

पात्र फसलें

श्री अजीत केसरी अपर मुख्य सचिव म.प्र. शासन, कृषि विभाग द्वारा 6 मई को जारी आदेशानुसार इस प्रोत्साहन योजना में गेहूं और धान के अलावा वे फसलें जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में नहीं आतीं, शामिल रहेंगी। इन ‘पात्र फसलों’ में उद्यानिकी फसलें- आलू, प्याज, टमाटर एवं अन्य सब्जियां भी सम्मिलित हैं।

योजना में पात्र संस्थाएं

किसानों को परम्परागत फसलों से हटकर विभिन्न और विविध फसलें बोने के लिए प्रेरित करने वाली कम्पनियां, संस्थाएं इस योजना में पात्र होंगी। इसके साथ ही इन संस्थाओं पर किसानों की तकनीकी सलाह देने के साथ-साथ फसल को खरीदने के लिए समझौता करने-कराने का दायित्व होगा। प्रेरक कम्पनियां, संस्थाएं यदि ‘पात्र फसल’ नहीं खरीदेंगी, इस स्थिति में अन्य कम्पनियों से टाईअप भी करवाएंगी।

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योजना में सहायता

इस पूरी विविधीकरण योजना में किसान को प्रेरित करने के लिए कोई आवश्यक कृषि आदान दिया जाता है तो विभाग द्वारा मान्य किया जाएगा।

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योजना की प्रक्रिया

फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय राज्य स्तरीय परियोजना परीक्षण समिति का गठन किया है, जिसका सदस्य सचिव संचालक कृषि होगा। इस योजना में 3 वर्ष तक सहायता देने का प्रावधान भी है।

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