राज्य कृषि समाचार (State News)

सागर सहित पूरे बुंदेलखंड के विकास को नई गति देने में जुटी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

18 सितंबर 2026, सागर: सागर सहित पूरे बुंदेलखंड के विकास को नई गति देने में जुटी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसके तहत किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, आधुनिक कृषि यंत्र, ड्रोन तकनीक और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि खेती को लाभ का माध्यम बनाने के साथ किसानों की आय के अन्य स्रोतों को भी मजबूत किया जाए। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर सागर जिले के किसानों से वर्चुअली जुड़कर संबोधित कर रहे थे।

केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड को लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी सौगात है। करीब एक लाख करोड़ रुपये की इस योजना से सागर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़ और छतरपुर सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं बनेंगी। किसानों के हर खेत तक पानी पहुंचाने की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण योजना है।

उन्होंने कहा कि सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार काम कर रही है। क्षेत्र में धान, गेहूं और ज्वार के साथ नकदी फसलों का उत्पादन हो रहा है। कृषि उत्पादन के साथ फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना से किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य के अवसर मिलेंगे।

0% ब्याज ऋण से 10 घंटे बिजली तक सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को वर्ष में एक बार ही ऋण चुकाना होगा। सरकार किसानों के लिए करीब 800 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराएगी। आगामी फसल सीजन में किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि खाद को लेकर ई-टोकन व्यवस्था की जा रही है, जिससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और ड्रोन तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से उद्यानिकी और फल उत्पादन को भी अपनाने का आग्रह किया।

खेती के साथ अन्य आय स्रोतों पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। गांव-गांव में सहकारी समितियां बनाकर किसान अपना दूध सांची को उपलब्ध करा सकते हैं। इससे उन्हें दूध का उचित मूल्य मिलने के साथ वार्षिक बोनस का लाभ भी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश वर्तमान में दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और प्रदेश को पहले स्थान पर लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी सीजन में किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे उन्हें सिंचाई की सुविधा के साथ बिजली बिल से राहत मिल सके।

सागर के विकास पर भी सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की आय केवल फसल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सागर में आयुर्वेदिक कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी गई है। सागर को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की बिजली और सिंचाई जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में रबी उपार्जन के तहत इस वर्ष रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। वहीं, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में एपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल, कृषि वैज्ञानिक सतीश परसाई और प्रगतिशील किसान आकाश चौरसिया सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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