राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार किसानों के लिए खुशखबरी: आंवला-अमरूद-नींबू की खेती पर मिलेंगे 50 हजार प्रति हेक्टेयर, ऐसे उठाएं फायदा

22 जुलाई 2025, भोपाल: बिहार किसानों के लिए खुशखबरी: आंवला-अमरूद-नींबू की खेती पर मिलेंगे 50 हजार प्रति हेक्टेयर, ऐसे उठाएं फायदा – किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें अब पारंपरिक खेती के साथ बागवानी फसलों को भी बढ़ावा दे रही हैं। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने किसानों के लिए राहत भरी खबर दी है। राज्य में ‘फसल विविधीकरण योजना’ के तहत किसानों को आंवला, अमरूद, एपल बेर और नींबू की खेती पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस योजना का मकसद किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा दिलाना है।

कम लागत में ज्यादा मुनाफे का मौका

बिहार के कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय के मुताबिक, किसानों को आंवला, अमरूद, एपल बेर और नींबू की खेती पर यूनिट कॉस्ट 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है। इस पर 50 फीसदी यानी 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन बागवानी फसलों की खेती से किसान जलवायु परिवर्तन के दौर में भी बेहतर और टिकाऊ खेती कर सकेंगे।

इन फसलों का तय हुआ रकबा

इस योजना के तहत विभिन्न फसलों के लिए रकबा का भी निर्धारण किया गया है।
1. आंवला की खेती: 20 हेक्टेयर
2. एपल बेर की खेती: 25 हेक्टेयर
3. नींबू की खेती: 30 हेक्टेयर
4. अमरूद की खेती: 30 हेक्टेयर
इन सभी फसलों पर 50% की सब्सिडी किसानों को दी जाएगी।

दो किस्तों में मिलेगा अनुदान

किसानों को अनुदान की राशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त पौधारोपण के बाद कुल अनुदान का 60 प्रतिशत दिया जाएगा। दूसरी किस्त अगले साल दी जाएगी। इससे किसानों को पौधे तैयार होने और देखभाल के लिए आर्थिक मदद समय पर मिल सकेगी।

कैसे करें आवेदन?

अगर किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें बिहार उद्यान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। योजना का लाभ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाएगा। एक किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर से अधिकतम 4 हेक्टेयर तक के लिए आवेदन कर सकता है। इससे ज्यादा रकबे पर अनुदान नहीं मिलेगा।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन के समय किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जैसे दो साल के अंदर की जमीन की रसीद, आधार कार्ड और पहचान पत्र। आवेदन का वेरिफिकेशन करने के बाद वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा और अधिकारी मौके पर जांच कर योजना की राशि सीधे किसानों के खाते में भेजेंगे।

कितने पौधे लगाने होंगे?

उद्यान निदेशालय के अनुसार प्रति हेक्टेयर पौधों की संख्या इस प्रकार तय की गई है:
1. आंवला: 400 पौधे प्रति हेक्टेयर
2. एपल बेर: 278 पौधे प्रति हेक्टेयर
3. नींबू: 555 पौधे प्रति हेक्टेयर
4. अमरूद: 278 पौधे प्रति हेक्टेयर

किसानों के लिए फायदे का सौदा

यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए बेहतरीन अवसर है जो कम लागत में ज्यादा आमदनी चाहते हैं। फलों की खेती से उन्हें बारहमासी आय का स्रोत मिलेगा और खेती के साथ आर्थिक स्थिति भी सशक्त होगी। सरकार की योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रही है।

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