राज्य कृषि समाचार (State News)

हर गरीब की थाली में होगा भोजन

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का नवम्बर तक विस्तार, 80 करोड़ लोगों को मिलेगा मुफ्त अनाज

(सुनील गंगराड़े)

3 अगस्त 2021, भोपाल । हर गरीब की थाली में होगा भोजन – प्राचीन मौर्य साम्राज्य के महान कूटनीतिज्ञ कौटिल्य के अनुसार प्रजा सुखे सुखं राज्ञ: प्रजानां तु हिते हितम् न आत्म प्रियम हितम राज्ञ: प्रजानाम तु प्रियमहितम् याने प्रजा के सुख में ही राजा का सुख निहित है, प्रजा के हित में ही उसे अपना हित दिखना चाहिए।

जो स्वयं को प्रिय लगे उसमें राजा का हित नहीं है, उसका हित तो प्रजा को जो प्रिय लगे, उसमें है। भारत का इतिहास तो ऐसे अनेक लोकप्रिय राजा- महाराजाओं के वृतांत से समृद्ध है, जिन्होंने विपत्ति में, महामारी, दुष्काल में प्रजा के लिए राजकीय अनाज भंडारों के दरवाजे खोल दिए। मुफ्त अनाज बांटा, सस्ता अनाज लोगों को दिया।

कोविड-19 वैश्विक महामारी में पूरी दुनिया के साथ भारत की अर्थव्यवस्था भी अत्यंत प्रभावित हुई है। आम आदमी की जिंदगी भी कोरोना महामारी के प्रकोप से अछूती नहीं रही। इस कठिन दौर और लॉकडाउन में जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में पहली बुनियादी मांग अन्न या रोटी की जद्दोजहद, अनाज के लिए संघर्ष, गरीब वर्ग को चिंता के चूल्हे पर तपाए हुए थी।
कोविड-19 महामारी के दौरान 26 मार्च 2020 को कोरोना वायरस के विरुद्ध युद्ध में 21 दिन के लॉकडाउन को देखते हुए गरीब वर्ग को मदद करने के उद्देश्य से ‘प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना’ शुरू कर 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने घोषणा की। कोरोना से लड़ाई में निर्धन वर्ग, दिहाड़ी मजदूर जिनके घरों में अनाज-पानी की समस्या खड़ी हो गई थी, राहत की लहर लाई। इसी पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत महत्वाकांक्षी पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा में (पीएमजीकेएवाय) आर्थिक मोर्चे पर जूझ रहे आमजन को आवश्यक मदद और सहयोग करने का सरकार का यह संवेदनशील प्रयास है।

Advertisement
Advertisement

घोषणा के मुताबिक भारत सरकार कोरोना विपत्ति के कारण अनाज की अनुपलब्धता के कारण किसी भी गरीब परिवार पर संकट नहीं आने देगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगभग 80 करोड़ गरीब राशन कार्डधारी लोग याने भारत की लगभग दो तिहाई आबादी को पीएम गरीब कल्याण अनाज योजना की परिधि में रखा गया है। गरीब परिवारों को 5 किलो गेहूं या चावल और 1 किलो दाल मुफ्त में दी जा रही है।

Advertisement
Advertisement

आरम्भ में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को 3 महीने (अप्रैल-जून 2020 प्रथम चरण) के लिए लागू किया गया था और तत्पश्चात स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए केन्द्र ने इसे आगे 5 माह (जुलाई-नवम्बर 2020 दूसरा चरण) के लिए बढ़ाया।

कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए पीएमजीकेएवाय का इस वर्ष 2021 के दौरान दो चरण में मई-जून 2021 (तीसरा चरण) और जुलाई-नवम्बर 2021 (चौथा चरण) तक विस्तार किया गया है।

वर्ष 2020 के दो चरणों में केन्द्र सरकार द्वारा 322 लाख टन खाद्यान्न का आवंटन राज्यों को किया गया था और कुल अनाज वितरण 298.8 लाख टन (अनंतिम) हुआ। वहीं इस वर्ष तीसरे और चौथे चरण को मिलाकर 278 लाख टन का आवंटन किया गया है और अभी तक कुल खाद्यान्न वितरण 75.91 लाख टन (अनंतिम) हुआ है। नागरिकों को प्रोटीन भी समुचित मात्रा में मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए खाद्यान्नों के अलावा पीएमजीकेएवाय के अनुसार 19.4 करोड़ लाभार्थी परिवारों को भी 1 किलो प्रति परिवार प्रति माह की दर पर नि:शुल्क दलहन/साबुत चने का आवंटन किया गया। अभी तक इस एलॉटमेंट के विरुद्ध 14.24 लाख टन दलहन राज्यों द्वारा लाभार्थी परिवारों को बांटा गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के नवम्बर 2021 तक विस्तार से 90 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भार केन्द्र सरकार पर आएगा।

भारत आज खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है, देश आवश्यकता से अतिरिक्त उपलब्ध अनाज निर्यात भी कर रहा है। देश की इस मजबूत स्थिति में गरीबों को, भूखों को नि:शुल्क अन्न वितरण कल्याणकारी सरकार की सुचिंतित, सुविचारित नीति है जो केन्द्र सरकार की सबका साथ-सबका विकास के दर्शन को पुष्ट करती है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की कल्याणकारी नीतियां और इन नीतियों को संजीदगी से मैदानी स्तर पर अमल में लाने की कार्य संस्कृति के परिणाम प्रत्यक्षत: दिखते हैं। नवम्बर याने भारत के सबसे बड़े पर्व दीपावली तक 80 करोड़ देशवासियों को मुफ्त में 5 किलो अन्न देने की प्रधानमंत्री ने घोषणा की। प्रधानमंत्री का संकल्प है कि हर परिवार सशक्त हो, संपन्न हो और संकट के समय निश्चिंत भी हो, आश्वस्त हो। नवम्बर तक विस्तारित इस योजना का धनात्मक प्रभाव देश के हर वर्ग पर होगा जब समस्त तीज-त्यौहारों की अनवरत श्रृंखला दीपावली तक चलती है। अनाज का अभाव किसी भी घर में ना होगा, कहीं चूल्हा ठंडा ना पड़ा होगा, कोई भूखा ना सोएगा और हर एक के त्यौहार की रंगत फीकी ना होगी और कल्याणकारी राज्य में ये जनता का हक भी है।

Advertisement
Advertisement
अन्न उत्सव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राज्य में 7 अगस्त को अन्न उत्सव की शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस उत्सव कार्यक्रम को आभासी रूप से सम्बोधित करेंगे। प्रदेश की 25 हजार 435 राशन दुकानों से खाद्यान्न वितरण होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान के मुताबिक हर राशन पर दुकान पर 100-100 लोगों के जुडऩे से 25 लाख से अधिक लोग कार्यक्रम से सीधे जुड़ेंगे।

Advertisements
Advertisement
Advertisement