कोविड-19 में कृषि हालात सुधारने के लिए फिक्की की सिफारिशें

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कोविड-19 में बदतर होते कृषि हालात सुधारने के लिए फिक्की की सिफारिशें

नई दिल्ली। देशव्यापी लाकडाउन के चलते पूरे देश में कृषि कार्य अत्यंत बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रबी कटाई देरी से चल रही है , वहीं खरीफ सीजन शुरू होने वाला है। इन विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए कोविड-19 में खेती के हालात सुधारने के लिए फिक्की ने केंद्र सरकार को कृषि क्षेत्र को संभालने के लिए 14 महत्वपूर्ण सिफारिशें की हैं। कृषि क्षेत्र की विशिष्ट गतिविधियों को रेखांकित करते हुए उद्योग जगत की अग्रणी संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने रबी उपज की समुचित खरीदी और भंडारण पर जोर दिया है। साथ ही कृषि उपज मंडियां खोलने , उपज खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने, मंडी नियमों को शिथिल करने की आवश्यकता बतलाई, ताकि किसान अपनी उपज आसानी से मंडी या जहां किसान चाहे बेच सके। इसके अलावा किसानों को अपनी उपज ग्रामीण क्षेत्र में लाने, बेचने में पुलिस सहयोग करें। लघु एवं सीमांत किसानों को वेयरहाउस में रखे अनाज के किराए में सरकार को छूट देना चाहिए। इसी प्रकार फिक्की ने अपनी सिफारिशों में मांग की है कि बीज कंपनियाँ जिनका लायसेंस पीरियड मार्च-अप्रैल में समाप्त हो गया है उनका नवीनीकरण कृषि विभाग दवारा कर दिया जाए ताकि खरीफ फसलों की बीज आपूर्ति मे रूकावट ना हो। फेडरेशन ने इरिगेशन इक्विपमेंट, ट्रैक्टर, फसल ऋण, कोल्ड स्टोरेज, पोल्ट्री आदि से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से केंद्र सरकार को अपनी अनुशंसाएं की है। फिक्की ने अपेक्षा की है कि केंद्र शासन और राज्य सरकारें समन्वय के साथ स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी करें ताकि कृषि गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित होती रहें।

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