राज्य कृषि समाचार (State News)फसल की खेती (Crop Cultivation)

जो किसान करेंगे ढैंचा की खेती उन्हें सरकार की तरफ से मिलेगा नकद प्रोत्साहन

15 मई 2025, भोपाल: जो किसान करेंगे ढैंचा की खेती उन्हें सरकार की तरफ से मिलेगा नकद प्रोत्साहन – हरियाणा राज्य में यदि कोई किसान अपने खेत में ढैंचा की खेती करता है तो उसे सरकार की तरफ से नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी हालांकि यह राशि अनुदान के रूप में होगी लेकिन अब राज्य की सरकार हरी खाद को बढ़ावा दे रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान ढैंचा की खेती कर सके।

सरकार का मानना है कि मिट्टी को फिर से उपजाउ बनाने के लिए हरी खाद को बढ़ावा देना जरूरी है। हरी खाद का उपयोग करने से किसान रासायनिक खाद का उपयोग कम करेंगे और इससे खेतों की उर्वरता में भी बढ़ोतरी ही होगी।

 हरियाणा सरकार ने राज्य में हरी खाद को बढ़ावा देने और किसानों की रासायनिक खाद पर निर्भरता से मुक्त करने के उद्देश्य से एक बड़ी योजना की घोषणा की है। योजना के तहत अब से जो भी किसान अपने खेतों में ढैंचा की खेती हरी खाद के लिए करेंगे सरकार उन्हें नकद प्रोत्साहन स्वरूप अनुदान राशि देगी। किसानों को यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में दी जाएगी।

हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ढैंचा उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ढैंचा एक प्राकृतिक खाद है जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, नमी बनाए रखने और उत्पादन लागत घटाने में सहायक है। यह योजना पहली बार प्रदेश भर में लागू की जा रही है, जिससे हजारों किसानों को लाभ होगा।

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ढैंचा एक फलीदार फसल है

ढैंचा एक फलीदार फसल है, जिसे कटाई से पहले मिट्टी में जोतकर जैविक खाद तैयार की जाती है। यह फसल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक होती हैं क्योंकि ये नाइट्रोजन स्थिरीकरण करती हैं और नाइट्रोजन की पूर्ति करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और लंबे समय तक उत्पादकता बनी रहती है। साथ ही मिट्टी में नाइट्रोजन की पूर्ति होने से यूरिया जैसी रासायनिक खाद पर किसानों की निर्भरता कम होती है।

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अनुदान के लिए

कृषि मंत्री ने बताया कि ढैंचा की खेती पर अनुदान का लाभ लेने के लिए किसान अपनी ढैंचा फसल की फोटो “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर समय रहते अपलोड करना होगा, इसके बिना योजना का लाभ किसानों को नहीं मिलेगा। सरकार ने राज्य के 22 जिलों में 4 लाख एकड़ भूमि पर फसल विविधिकरण का लक्ष्य रखा है, जिसमें ढैंचा की फसल को प्रमुखता दी जा रही है। इस योजना से अनुमानित 3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।

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