राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को बिना लाइन के मिलेगी खाद, राजस्थान में डिजिटल उर्वरक बिक्री व्यवस्था का विस्तार

26 अगस्त 2026, जयपुर: किसानों को बिना लाइन के मिलेगी खाद, राजस्थान में डिजिटल उर्वरक बिक्री व्यवस्था का विस्तार – राजस्थान में किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी व जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ व्यवस्था का चरणबद्ध विस्तार शुरू कर दिया गया है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किसानों को खाद की बुकिंग से लेकर वितरण तक की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि सिरोही और राजसमंद जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई इस व्यवस्था को अच्छी सफलता मिली है। इसके बाद अब बूंदी, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, धौलपुर और चूरू में भी इसे लागू किया जा रहा है। अगले चरण में 12 अन्य जिलों को इससे जोड़ा जाएगा और इसके बाद पूरे प्रदेश में डिजिटल उर्वरक बिक्री व्यवस्था लागू करने की योजना है।

नई व्यवस्था में किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक की डिजिटल बुकिंग कर सकेगा। बुकिंग पूरी होने के बाद किसान को एक डिजिटल टोकन जारी किया जाएगा। इस टोकन के आधार पर वह अपने नजदीकी अधिकृत उर्वरक विक्रेता के पास जाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद प्राप्त कर सकेगा। इस व्यवस्था से किसान को पहले से यह जानकारी रहेगी कि उसे उर्वरक कहां से और किस प्रक्रिया के तहत प्राप्त करना है। इससे उर्वरक के लिए लंबी कतारों में लगने की परेशानी कम होगी और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

सरकार का मानना है कि डिजिटल निगरानी से उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। साथ ही वास्तविक जरूरत वाले किसानों तक खाद पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। राजस्थान में चरणबद्ध विस्तार के बाद यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होने पर उर्वरक वितरण प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और किसान-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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