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राज्य कृषि समाचार (State News)

कपास की बुवाई में जुटे राजस्थान के किसान, अफसरों ने जारी की सलाह

19 मई 2025, जयपुर: कपास की बुवाई में जुटे राजस्थान के किसान, अफसरों ने जारी की सलाह – राजस्थान के किसान इन दिनों कपास की बुवाई करने में जुटे हुए है और किसान अपने हिसाब से बुवाई कर रहे लेकिन इस खेती में किसानों को किसी तरह से नुकसान न हो इसके लिए कृषि विभाग के अफसरों ने सलाह जारी की है और कहा है कि किसान न केवल उन्नत तकनीक को अपनाएं बल्कि बीज को भी लेकर सलाह दी है.

 सलाह के मुताबिक बीटी कपास की बुवाई का सही समय 1 मई से 20 मई तक होता है. इसलिए राज्य के किसानों को कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि कपास की खेती में प्रति बीघा 450 ग्राम रखें. वहीं, कतार से कतार की दूरी 108 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 60 सेंटीमीटर रखें. वैकल्पिक रूप से 67.5 गुणा 90 सेंटीमीटर की दूरी पर भी बुवाई की जा सकती है.  खाद और उर्वरक में 40 किलो यूरिया प्रति बीघा तीन हिस्सों में दें. साथ ही एक तिहाई बुवाई के समय, एक तिहाई पहली सिंचाई के साथ और बाकी कलियां बनते समय दें. कृषि विभाग के मुताबिक फास्फोरस के लिए 22 किलो डीएपी या 62.5 किलो सिंगल सुपर फास्फेट प्रति बीघा बुवाई के समय दें. पोटाश के लिए 15 किलो एमओपी 60 प्रतिशत बुवाई के समय दें. मिट्टी जांच के आधार पर जिंक की कमी हो तो 33 प्रतिशत जिंक की यानी 4 से 6 किलो की मात्रा में प्रति बीघा मिट्टी में मिलाएं. कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक ने बताया कि कुछ कंपनियां बीज, यूरिया और डीएपी के साथ सल्फर, हर्बिसाइड, पेस्टिसाइड, सूक्ष्म तत्व मिश्रण और बायो फर्टिलाइजर टैग करने की शिकायत मिल रही है. यह नियमों का उल्लंघन है. सभी आपूर्तिकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि बीज और उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न करें. बीटी कॉटन में गुलाबी सुंडी का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है. साल 2024 में कई जिलों में लाखों हेक्टेयर में बीटी कपास की बुवाई हुई थी. सभी खेतों में गुलाबी सुंडी का प्रकोप 10 प्रतिशत से अधिक पाया गया था. इससे बचाव के लिए उन्नत तकनीकों को अपनाना जरूरी है. बीज दर 450 ग्राम प्रति बीघा रखें. कतार से कतार की दूरी 108 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 60 सेंटीमीटर रखें. इसके अलावा गर्मी में गहरी जुताई करें. साथ ही फसल चक्र अपनाएं. खेत और आसपास के खरपतवार नष्ट करें. अधपके टिंडे एकत्रित कर नष्ट करें. कम ऊंचाई और कम अवधि वाली किस्में बोएं. 45-60 दिन की फसल पर नीम आधारित कीटनाशक का छिड़काव करें. 

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