राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को डबल फायदा! सोलर पंप से सिंचाई भी और कमाई भी

20 मार्च 2025, भोपाल: किसानों को डबल फायदा! सोलर पंप से सिंचाई भी और कमाई भी – मध्यप्रदेश में खेती-किसानी को आसान और फायदेमंद बनाने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ ला रही है। राज्य सरकार का दावा है कि उसकी नई नीतियों और नवाचारों की वजह से प्रदेश कृषि के मामले में कई अन्य राज्यों से आगे निकल चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, आने वाले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे, साथ ही सरकार उनके द्वारा उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा भी खरीदेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोलर पंप योजना के जरिए किसानों की बिजली जरूरतों को कम लागत में पूरा किया जाएगा। इस योजना के तहत न सिर्फ उन्हें खेतों में पानी देने में मदद मिलेगी, बल्कि अतिरिक्त सौर ऊर्जा बेचकर उनकी आय भी बढ़ सकेगी।

Advertisement
Advertisement

राज्य सरकार का कहना है कि किसानों को सिर्फ 5 रुपये में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मध्यप्रदेश देश का सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य बन गया है और दिल्ली मेट्रो तक यहाँ से खरीदी गई बिजली से चल रही है। हालाँकि, बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञ इस तरह के दावों पर सवाल उठाते रहे हैं।

सिंचाई व्यवस्था में सुधारलेकिन अब भी कई चुनौतियाँ

सरकार के अनुसार, वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश में सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से ज्यादा हो गई है। लेकिन, प्रदेश के कई इलाकों में अब भी जल संकट और सिंचाई सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं, जिनसे निपटने के लिए किसानों को कई बार निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

Advertisement8
Advertisement

फिलहाल, मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देशभर में तीसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले चार सालों में प्रदेश को इस क्षेत्र में पहले स्थान पर लाने की रणनीति तैयार की जा रही है। लेकिन, पशुपालकों के सामने चारा संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

Advertisement8
Advertisement

अध्ययन यात्रा दल ने परखी जमीनी हकीकत

नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) द्वारा आयोजित अध्ययन यात्रा दल ने प्रदेश में कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में हुए बदलावों का निरीक्षण किया। इस दल में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ पाँच मित्र देशों के 16 सदस्य शामिल थे। अध्ययन दल ने देखा कि किस तरह से स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर काम किया गया है। हालांकि, इन योजनाओं की वास्तविक सफलता को लेकर कई रिपोर्ट्स अलग-अलग तस्वीर पेश करती हैं।

मध्यप्रदेश सरकार खेती-किसानी में क्रांतिकारी बदलाव लाने के दावे कर रही है। लेकिन, किसानों को सही बाजार मूल्य, सिंचाई सुविधाएँ और बिजली आपूर्ति की स्थिरता जैसी चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि ये वादे कितने हकीकत में बदल पाते हैं।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement8
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement5
Advertisement